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Banda News: जयकारों के बीच देवी प्रतिमाओं का विसर्जन
Wed, 21 Oct 2026 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:45 PM IST
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फोटो-21-शहर में बस स्टैंड के सामने से गुजरती विसर्जन यात्रा। संवाद
बांदा। शारदीय नवरात्र के समापन पर बुधवार और बृहस्पतिवार को जिले भर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शहर से लेकर बदौसा, बबेरू, तिंदवारी, पैलानी, नरैनी और अतर्रा तक गाजे-बाजे के साथ विसर्जन यात्राएं निकलीं। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और पुष्पवर्षा कर मां को विदाई दी।
शहर में हवन-पूजन के बाद प्रतिमाओं को विमानों पर सजाकर नगर भ्रमण कराया गया। इसके बाद केन नदी तट पर विधि-विधान से विसर्जन किया गया। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी की ओर से हेलीकॉप्टर से प्रतिमाओं पर पुष्पवर्षा कराई गई।
बदौसा में महिलाओं ने सिर पर जवारा रखकर ढोलक और नगड़िया की थाप पर देवी गीत गाते हुए बागेन नदी तक यात्रा निकाली। कस्बे के 51 देवी पंडालों में से चयनित श्रेष्ठ मूर्तियों और पंडालों को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सम्मानित किया।
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बबेरू में चार दर्जन से अधिक प्रतिमाओं की यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए आम चौराहे पहुंची। केंद्रीय दुर्गा उत्सव समिति ने यहां आरती उतारी, फिर प्रतिमाओं को क्रमबद्ध तरीके से घसिला तालाब ले जाया गया। तिंदवारी में मां भारती, भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता, हनुमान और भगवान कृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतिमाओं का गडरा नदी में विसर्जन किया गया। पैलानी क्षेत्र के खप्टिहा कलां सहित करीब एक दर्जन गांवों में भी विसर्जन हुआ।
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नरैनी और अतर्रा में भी आयोजन
नरैनी में पनगरा स्थित केन नहर पर विसर्जन के दौरान भंडारे हुए। अतर्रा में करीब डेढ़ सौ प्रतिमाओं की यात्राएं गौराबाबा धाम होते हुए केन नहर पहुंचीं। केंद्रीय दुर्गा पूजा महोत्सव समिति ने बेहतर सजावट, स्वच्छता और विद्युत व्यवस्था वाले पंडालों को पुरस्कृत किया। प्रमुख विसर्जन स्थलों पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम संपन्न हुए।
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शहर में हवन-पूजन के बाद प्रतिमाओं को विमानों पर सजाकर नगर भ्रमण कराया गया। इसके बाद केन नदी तट पर विधि-विधान से विसर्जन किया गया। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी की ओर से हेलीकॉप्टर से प्रतिमाओं पर पुष्पवर्षा कराई गई।
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बदौसा में महिलाओं ने सिर पर जवारा रखकर ढोलक और नगड़िया की थाप पर देवी गीत गाते हुए बागेन नदी तक यात्रा निकाली। कस्बे के 51 देवी पंडालों में से चयनित श्रेष्ठ मूर्तियों और पंडालों को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सम्मानित किया।
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बबेरू में चार दर्जन से अधिक प्रतिमाओं की यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए आम चौराहे पहुंची। केंद्रीय दुर्गा उत्सव समिति ने यहां आरती उतारी, फिर प्रतिमाओं को क्रमबद्ध तरीके से घसिला तालाब ले जाया गया। तिंदवारी में मां भारती, भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता, हनुमान और भगवान कृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतिमाओं का गडरा नदी में विसर्जन किया गया। पैलानी क्षेत्र के खप्टिहा कलां सहित करीब एक दर्जन गांवों में भी विसर्जन हुआ।
नरैनी और अतर्रा में भी आयोजन
नरैनी में पनगरा स्थित केन नहर पर विसर्जन के दौरान भंडारे हुए। अतर्रा में करीब डेढ़ सौ प्रतिमाओं की यात्राएं गौराबाबा धाम होते हुए केन नहर पहुंचीं। केंद्रीय दुर्गा पूजा महोत्सव समिति ने बेहतर सजावट, स्वच्छता और विद्युत व्यवस्था वाले पंडालों को पुरस्कृत किया। प्रमुख विसर्जन स्थलों पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम संपन्न हुए।

फोटो-21-शहर में बस स्टैंड के सामने से गुजरती विसर्जन यात्रा। संवाद

फोटो-21-शहर में बस स्टैंड के सामने से गुजरती विसर्जन यात्रा। संवाद

फोटो-21-शहर में बस स्टैंड के सामने से गुजरती विसर्जन यात्रा। संवाद

फोटो-21-शहर में बस स्टैंड के सामने से गुजरती विसर्जन यात्रा। संवाद