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Banda News: छह साल से पाकिस्तान की जेल में बंद चांद बाबू की सगाई टूटी
Thu, 22 Oct 2026 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:22 AM IST
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फोटो-14- चांद बाबू। स्रोत : परिजन
- फोटो : रामलीला मैदान में कुश्ती दंगल में एक दूसरे पहलवान को पटखनी देने की कोशिश। स्रोत कमेटी
तिंदवारी (बांदा)। पाकिस्तान की जेल में बंद बेटे की वतन वापसी की राह देख रही मां बसीरन को एक और झटका लगा है। छह साल से बेटे चांद बाबू के लौटने का इंतजार कर रहे परिवार को उसकी सगाई टूटने की खबर मिली है।
इससे मां की तबीयत बिगड़ गई। परिवार का आरोप है कि अधिकारियों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद बेटे की रिहाई के लिए अब तक ठोस पहल नहीं हुई है। तिंदवारी थाना क्षेत्र के धौसड़ गांव निवासी बसीर का बेटा चांद बाबू (26) करीब छह साल से पाकिस्तान की जेल में बंद है।
परिजन के अनुसार उसकी शादी कर्वी क्षेत्र में तय हुई थी और सगाई भी हो चुकी थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द लौट आएगा, लेकिन लंबा इंतजार करने के बाद लड़की पक्ष ने रिश्ता तोड़ दिया। बेटे की शादी की उम्मीद टूटने से परिवार परेशान है।
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परिजन ने बताया कि धौसड़ गांव का युवक चांद बाबू और जागेश्वर का बेटा लक्ष्मण (22), जसईपुर निवासी संजय का बेटा जीतेंद्र (28) और नगर कोतवाली क्षेत्र के दरदा गांव निवासी उमाशंकर का बेटा सर्वेश (32) मछली पकड़ने गुजरात के पोरबंदर गए थे।
बताया कि 29 सितंबर 2021 को तेज हवा के कारण उनकी नाव भटककर पाकिस्तान की समुद्री सीमा में चली गई। वहां की जल सेना ने चारों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। तब से परिजन उनकी वापसी की आस लगाए हैं।
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सरकार से चारों युवकों की रिहाई के लिए ठोस पहल की मांग
धौसड़ गांव निवासी लक्ष्मण के भाई महेंद्र ने बताया कि करीब एक माह पहले व्हाट्सएप पर जेल में बंद भाई का पत्र मिला था। सितंबर में भेजे गए पत्र में लक्ष्मण ने परिवार से पहले भेजे गए खत के मिलने की जानकारी मांगी। उसने जवाबी पत्र भेजने और रिहाई के संबंध में जानकारी देने की गुजारिश की।
पत्र में लिखा कि वे ठीक हैं, लेकिन रिहाई की जानकारी न मिलने से परेशान हैं। अधिकारियों से पूछने पर उन्हें कथित तौर पर कहा जाता है कि वे जिस तरह आए हैं, उसी तरह जाएंगे। लक्ष्मण ने मां-बाबू की तबीयत पूछी और चांद बाबू के परिवार को भी अपना हाल ठीक होने की जानकारी देने को कहा।
परिजन का दावा है कि जेल में बंद युवकों को पर्याप्त भोजन और उपचार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से मामले में गंभीरता से पहल कर चारों युवकों की रिहाई और सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित कराने की मांग की है।
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इससे मां की तबीयत बिगड़ गई। परिवार का आरोप है कि अधिकारियों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद बेटे की रिहाई के लिए अब तक ठोस पहल नहीं हुई है। तिंदवारी थाना क्षेत्र के धौसड़ गांव निवासी बसीर का बेटा चांद बाबू (26) करीब छह साल से पाकिस्तान की जेल में बंद है।
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परिजन के अनुसार उसकी शादी कर्वी क्षेत्र में तय हुई थी और सगाई भी हो चुकी थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द लौट आएगा, लेकिन लंबा इंतजार करने के बाद लड़की पक्ष ने रिश्ता तोड़ दिया। बेटे की शादी की उम्मीद टूटने से परिवार परेशान है।
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परिजन ने बताया कि धौसड़ गांव का युवक चांद बाबू और जागेश्वर का बेटा लक्ष्मण (22), जसईपुर निवासी संजय का बेटा जीतेंद्र (28) और नगर कोतवाली क्षेत्र के दरदा गांव निवासी उमाशंकर का बेटा सर्वेश (32) मछली पकड़ने गुजरात के पोरबंदर गए थे।
बताया कि 29 सितंबर 2021 को तेज हवा के कारण उनकी नाव भटककर पाकिस्तान की समुद्री सीमा में चली गई। वहां की जल सेना ने चारों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। तब से परिजन उनकी वापसी की आस लगाए हैं।
सरकार से चारों युवकों की रिहाई के लिए ठोस पहल की मांग
धौसड़ गांव निवासी लक्ष्मण के भाई महेंद्र ने बताया कि करीब एक माह पहले व्हाट्सएप पर जेल में बंद भाई का पत्र मिला था। सितंबर में भेजे गए पत्र में लक्ष्मण ने परिवार से पहले भेजे गए खत के मिलने की जानकारी मांगी। उसने जवाबी पत्र भेजने और रिहाई के संबंध में जानकारी देने की गुजारिश की।
पत्र में लिखा कि वे ठीक हैं, लेकिन रिहाई की जानकारी न मिलने से परेशान हैं। अधिकारियों से पूछने पर उन्हें कथित तौर पर कहा जाता है कि वे जिस तरह आए हैं, उसी तरह जाएंगे। लक्ष्मण ने मां-बाबू की तबीयत पूछी और चांद बाबू के परिवार को भी अपना हाल ठीक होने की जानकारी देने को कहा।
परिजन का दावा है कि जेल में बंद युवकों को पर्याप्त भोजन और उपचार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से मामले में गंभीरता से पहल कर चारों युवकों की रिहाई और सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित कराने की मांग की है।

फोटो-14- चांद बाबू। स्रोत : परिजन- फोटो : रामलीला मैदान में कुश्ती दंगल में एक दूसरे पहलवान को पटखनी देने की कोशिश। स्रोत कमेटी

फोटो-14- चांद बाबू। स्रोत : परिजन- फोटो : रामलीला मैदान में कुश्ती दंगल में एक दूसरे पहलवान को पटखनी देने की कोशिश। स्रोत कमेटी