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केदार बाबू की कविताओं को आत्मसात करें
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बांदा। जनकवि केदारनाथ अग्रवाल (केदार बाबू) के जन्म दिन पर शुक्रवार को केदार स्मृति न्यास की बैठक में उन्हें याद किया गया।
बीएचयू के प्रो.सदानंद साहू ने केदार बाबू की कहानियों और उपन्यासों की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने कहानी, उपन्यास कम लिखे लेकिन उनकी कविताओं के सार पर ही यह आधारित रहे। निधि अग्रवाल (झांसी) ने भी केदार बाबू की कविताओं का वर्णन किया।
अध्यक्षता कर रहे राकेश अग्रवाल (महोबा) ने केदार बाबू के जीवन से जुड़ी कई जानकारियां शेयर कीं। डा.सबीहा रहमानी ने केदार बाबू की कहानी आगंतुक सुनाई। नवोदित कवि अनुराग एवं आदित्य और दीपा ने कविता पाठ किया। कवि रामचंद्र सरस ने बताया कि केदार बाबू की जन्मस्थली कमासिन में केदार स्मृति न्यास के लिए भूमि अधिग्रहीत की जा रही है। जल्द ही शिलान्यास होगा।
न्यास उपाध्यक्ष डा.शबाना रफीक ने कहा कि केदार बाबू की कविताओं का पाठ ही करना काफी नहीं है, बल्कि उनकी कविताओं के उद्देश्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। बाबूलाल गुप्ता, छाया सिंह, श्रद्धा निगम, दीपा पटेल, आनंद किशोर लाल, डा.प्रवीण रस्तोगी और झांसी के डाक्टर अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। संचालन डा.शशिभूषण मिश्र ने किया।
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बीएचयू के प्रो.सदानंद साहू ने केदार बाबू की कहानियों और उपन्यासों की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने कहानी, उपन्यास कम लिखे लेकिन उनकी कविताओं के सार पर ही यह आधारित रहे। निधि अग्रवाल (झांसी) ने भी केदार बाबू की कविताओं का वर्णन किया।
अध्यक्षता कर रहे राकेश अग्रवाल (महोबा) ने केदार बाबू के जीवन से जुड़ी कई जानकारियां शेयर कीं। डा.सबीहा रहमानी ने केदार बाबू की कहानी आगंतुक सुनाई। नवोदित कवि अनुराग एवं आदित्य और दीपा ने कविता पाठ किया। कवि रामचंद्र सरस ने बताया कि केदार बाबू की जन्मस्थली कमासिन में केदार स्मृति न्यास के लिए भूमि अधिग्रहीत की जा रही है। जल्द ही शिलान्यास होगा।
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न्यास उपाध्यक्ष डा.शबाना रफीक ने कहा कि केदार बाबू की कविताओं का पाठ ही करना काफी नहीं है, बल्कि उनकी कविताओं के उद्देश्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। बाबूलाल गुप्ता, छाया सिंह, श्रद्धा निगम, दीपा पटेल, आनंद किशोर लाल, डा.प्रवीण रस्तोगी और झांसी के डाक्टर अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। संचालन डा.शशिभूषण मिश्र ने किया।
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