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पीएम की जनसभा में गूंजा बांदा का अवैध खनन
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Illegal mining of Banda echoed in PM's public meeting
- फोटो : BANDA
बांदा। अवैध बालू खनन और माफियाओं की मनमानी की गूंज महोबा में प्रधानमंत्री की जनसभा में भी गूंज उठी, लेकिन वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने इसे रंग में भंग मानकर नारे लगा रही महिला को दबोच लिया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को देने वाली अर्जी की फाइल भी छीन ली।
बांदा के पैलानी क्षेत्र की समाजसेवी ऊषा निषाद कई साथियों के साथ अवैध खनन और बालू माफियाओं की ज्यादती प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को बताने महोबा गईं थीं। मीडिया गैलरी के पास ही हाथों में फाइल देखकर पुलिस कर्मियों ने छीन लिया।
इस बीच ऊषा निषाद ने बालू माफिया मुर्दाबाद के नारे लगाए, लेकिन पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया। जिस समय यह सब हुआ मंच पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, सांसद और विधायक आदि मौजूद थे।
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ऊषा निषाद का कहना था कि वह प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर बांदा के बालू माफियाओं और पुलिस अफसरों की मिलीभगत से हो रहे अवैध खनन और इसका विरोध करने वालों पर फर्जी मुकदमे की जानकारी देना चाहती थीं। कहा कि बेटी बचाओ का नारा देने वालों की जनसभा में बेटी को अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला।
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बांदा के पैलानी क्षेत्र की समाजसेवी ऊषा निषाद कई साथियों के साथ अवैध खनन और बालू माफियाओं की ज्यादती प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को बताने महोबा गईं थीं। मीडिया गैलरी के पास ही हाथों में फाइल देखकर पुलिस कर्मियों ने छीन लिया।
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इस बीच ऊषा निषाद ने बालू माफिया मुर्दाबाद के नारे लगाए, लेकिन पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया। जिस समय यह सब हुआ मंच पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, सांसद और विधायक आदि मौजूद थे।
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ऊषा निषाद का कहना था कि वह प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर बांदा के बालू माफियाओं और पुलिस अफसरों की मिलीभगत से हो रहे अवैध खनन और इसका विरोध करने वालों पर फर्जी मुकदमे की जानकारी देना चाहती थीं। कहा कि बेटी बचाओ का नारा देने वालों की जनसभा में बेटी को अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला।