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कर्जमाफी न हुई तो करेंगे आंदोलन

Thu, 05 Jul 2018 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा Updated Thu, 05 Jul 2018 11:54 PM IST
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If the debt waiver is not done then the movement will
बैठक करते किसान यूनियन के नेता। - फोटो : अमर उजाला

भारतीय किसान यूनियन बुंदेलखंड में बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में है। यूनियन का कहना है कि प्रदेश में कृषि उत्पादन मंडी समितियां किसानों का भला नहीं बल्कि उनका गला काटने के लिए चल रही हैं। ये लूट का केंद्र बन गई हैं। खाद्य सुरक्षा के नाम पर सालाना दो लाख करोड़ को फिजूलखर्ची बताते हुए किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि किसानों की कर्ज मुक्ति की घोषणा नहीं की गई तो किसान सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर लेंगे।

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यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. साहब लाल शुक्ला की अध्यक्षता में खुरहंड गांव में स्थित उनके आवास पर बुधवार को यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों और क्षेत्रों से आए किसान नेता और प्रतिनिधि शरीक हुए। कई घंटे चली बैठक में कहा गया कि किसानों का लंबे समय यह अनुभव है कि कृषि उत्पादन मंडियां किसानों के भले के लिए नहीं है।
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ये किसानों का गला काटने के लिए हैं। यह मंडियां किसानों की लूट का केंद्र बन गई हैं। इन्हें फौरन खत्म किया जाए, ताकि किसान अपनी फसल स्वेच्छा से कहीं भी बेच सके। उन पर सरकारी नियंत्रण समाप्त हो। किसान नेताओं ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के नाम पर कृषि उपजों में तरह-तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं। भारत सरकार के आंकड़े इस बात का गवाह हैं कि  देश के किसानों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार के दामों से बहुत कम मूल्य मिल रहा है। किसानों को लगभग 14 हजार करोड़ का घाटा हो चुका है। 
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डॉ. साहब लाल शुक्ला ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। अफसर, व्यापारी और नेता ही इससे मालामाल हो रहे हैं। गरीब और किसान का कोई भला नहीं हो रहा। सस्ता अनाज सार्वजनिक प्रणाली से चोरी छिपे खुले बाजार में आ रहा है। नतीजतन किसानों की उपज के भाव गिर जाते हैं। खाद्य सुरक्षा के नाम पर हर साल लगभग दो लाख करोड़ रुपये की फिजूलखर्ची हो रही है। किसानों ने इस प्रणाली को खत्म करने की मांग की।


खुले बाजार में अनाज बेचने की अनुमति मांगी। प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया कि किसानों ने चेतावनी दी है कि किसानों को कर्ज मुक्ति की घोषणा शीघ्र नहीं की गई तो किसान सरकारी संपत्ति की कुर्की कर लेंगे। अध्यक्ष ने बताया इन तमाम मुद्दों पर बुंदेलखंड के किसान बहुत जल्द बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही तिथि घोषित की जाएगी। बैठक को डॉ. कृष्ण गांधी सहित जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह, शमशाद भाई, आलादीन, श्रीराम, वीरेंद्र स़िंह आदि ने भी संबोधित किया।

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