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Banda News: रिश्ते टूटने से आहत दिव्यांग युवती ने फंदा लगाकर दी जान
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बांदा/जसपुरा। शादी के रिश्ते टूटने से आहत दिव्यांग युवती ने फंदा लगाकर जान दे दी। छोटे भाई ने फंदे से लटका देखा तो परिजनों को जानकारी दी। वह बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी।
जसपुरा थाना क्षेत्र के नांदादेव गांव निवासी दिव्यांग राखी (18) ने शुक्रवार को सुबह घर के कमरे में पंखे में दुपट्टे से फंदा लगा लिया। कुछ देर बाद छोटे भाई आतिश ने देखा तो शोर मचाकर मां सुमित्रा को जानकारी दी। सुमित्रा ने पड़ोसियों की मदद से उसे फंदे से उतारा। पड़ोसी रामबहादुर सिंह ने बताया कि राखी स्व. प्रहलाद सिंह स्मारक महाविद्यालय कुम्हरिया डेरा गौरीकला की छात्रा थी। वह पैर के दोनों पंजों से दिव्यांग थी। बैसाखी के सहारे चलती थी।
मां ने बताया कि उसकी शादी के लिए कई रिश्ते आए, लेकिन पंजों से दिव्यांग होने पर सबने इनकार कर दिया। दो माह पहले भी हमीरपुर से एक रिश्ता आया था, लेकिन बात चलने के बाद दिव्यांग होने पर वह भी रिश्ता टूट गया था। इससे वह आहत थी।
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पिता शिवलाल आरख गोवा में प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं। एक भाई और दो बहनों में छोटी थी। जसपुरा इंस्पेक्टर राजेंद्र राजावत ने बताया कि प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। परिजन खुदकुशी का कारण दिव्यांगता व रिश्ते टूटने की बात बता रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
सहेलियों की शादी से भी रहती थी उदास
परिजनों के मुताबिक गांव की राखी की अधिकांश सहेलियों की शादी या तो हो चुकी थी, या फिर होने वाली थी। इस बात से भी वह उदास रहती थी। पिता उसे पढ़ा लिखा रहे थे कि शायद कोई पढ़ा लिखा लड़का उसका हाथ थाम लें, मगर ऐसा नहीं हुआ। बचपन से ही दिव्यांग होने की हीनभावना उसके दिल में घर कर गई थी, जिस वजह से उसने यह कदम उठाया।
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जसपुरा थाना क्षेत्र के नांदादेव गांव निवासी दिव्यांग राखी (18) ने शुक्रवार को सुबह घर के कमरे में पंखे में दुपट्टे से फंदा लगा लिया। कुछ देर बाद छोटे भाई आतिश ने देखा तो शोर मचाकर मां सुमित्रा को जानकारी दी। सुमित्रा ने पड़ोसियों की मदद से उसे फंदे से उतारा। पड़ोसी रामबहादुर सिंह ने बताया कि राखी स्व. प्रहलाद सिंह स्मारक महाविद्यालय कुम्हरिया डेरा गौरीकला की छात्रा थी। वह पैर के दोनों पंजों से दिव्यांग थी। बैसाखी के सहारे चलती थी।
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मां ने बताया कि उसकी शादी के लिए कई रिश्ते आए, लेकिन पंजों से दिव्यांग होने पर सबने इनकार कर दिया। दो माह पहले भी हमीरपुर से एक रिश्ता आया था, लेकिन बात चलने के बाद दिव्यांग होने पर वह भी रिश्ता टूट गया था। इससे वह आहत थी।
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पिता शिवलाल आरख गोवा में प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं। एक भाई और दो बहनों में छोटी थी। जसपुरा इंस्पेक्टर राजेंद्र राजावत ने बताया कि प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। परिजन खुदकुशी का कारण दिव्यांगता व रिश्ते टूटने की बात बता रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
सहेलियों की शादी से भी रहती थी उदास
परिजनों के मुताबिक गांव की राखी की अधिकांश सहेलियों की शादी या तो हो चुकी थी, या फिर होने वाली थी। इस बात से भी वह उदास रहती थी। पिता उसे पढ़ा लिखा रहे थे कि शायद कोई पढ़ा लिखा लड़का उसका हाथ थाम लें, मगर ऐसा नहीं हुआ। बचपन से ही दिव्यांग होने की हीनभावना उसके दिल में घर कर गई थी, जिस वजह से उसने यह कदम उठाया।