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डीए बंद करने पर रेल कर्मचारियों की भूख हड़ताल

Fri, 22 May 2020 10:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2020 10:57 PM IST
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Hunger strike of railway employees on closure of DA
मांगों को लेकर पोस्टर के साथ विरोध प्रदर्शन करते रेल कर्मी। - फोटो : BANDA
बांदा। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए बंद करने पर रेल कर्मियों ने विरोध करते हुए भूख हड़ताल की। रेल कर्मियों ने खुद को कोरोना योद्धा का दर्जा देने की भी मांग की।
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शुक्रवार को एनसीआरएमयू (नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन) कार्यालय में एआईआरएफ के आह्वान पर लॉकडाउन नियमों का पालन करते हुए पांच कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें शाखा सचिव पीके सिंह, जेके वर्मा, शामेंद्र गुप्ता, मुख्य शाखा सचिव वीरेंद्र चतुर्वेदी, जसवंत शामिल थे।
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रेल कर्मियों ने फोन के जरिये हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया। साथ ही भरोसा दिलाया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद सभी रेल कर्मी एकजुट होकर सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेंगे। हड़ताल का समर्थन करने वालों में सुरेश मिश्रा, शेख शकील, अतुल यादव, डीके पांडेय, सुनील कुमार, राजेंद्र कुमार, कमल सिंह, योगेंद्र साहू, कुलदीप कुमार, आशीष साहू, सुरेंद्र कुमार, आलोक यादव, आमिर खां, विनीत दीक्षित, तौहीद अहमद आदि शामिल हैं।
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श्रम कानूनों में बदलाव का बैंकिंग संगठनों ने किया विरोध
बांदा। श्रम कानूनों में परिवर्तन का विरोध करते हुए ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन से संबद्ध सभी बैंक संगठनों ने शुक्रवार से विरोध प्रदर्शन किया। बाहों में काली पट्टी बांधी। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला मंत्री राघवेंद्र शुक्ल ने कहा कि विभिन्न राज्य सरकारों ने श्रमिकों के हितों पर गहरा प्रहार किया है।
केंद्र सरकार के खुले संरक्षण में कामगारों के द्वारा अर्जित अधिकारों को छीनने का कुकृत्य रचा गया है। इसका एआईबीईए के सभी अनुसांगिक संगठन एकजुट होकर पुरजोर विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार का प्रदर्शन भी इसी श्रृंखला में है। बैंक कर्मियों ने अपनी-अपनी ब्रांचों में काली पट्टी बांधकर कार्य किया। कहा कि ब्रिटिश काल के काले दिनों की याद ताजा न कराई जाए।

श्रम सुधारों के नाम पर श्रम अधिकारों पर अतिक्रमण तत्काल रोका जाए। प्रदर्शन में नितिन श्रीवास्तव, हरी नारायण तिवारी, नरेंद्र कश्यप, अंकुर श्रीवास्तव, बृजेश त्रिपाठी, राघवेंद्र त्रिपाठी, राकेश गुप्ता, आसिफ, रवि, नीरज तिवारी, आशीष, निधि, कृष्णा, संतोष, नवल, जितेंद्र, इंद्रनाथ मित्रा, अमित सिंह, निधि सिंह, प्रतिभा, मेघा, रवि, रोबिन, झल्लू, पूरनलाल, सचिन, सुरेंद्र, निशांत वर्मा, दीपक धुरिया, महेंद्र, अनूप जैन इत्यादि शामिल रहे।
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