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कितनी गायें और कैसे मरीं, शासन ने दो दिन में मांगा जवाब

Tue, 17 Dec 2019 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2019 12:00 AM IST
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How many cows and how died, the government asked for answers in two days
सिकलोढ़ी गांव में गोशाला का निरीक्षण करते एसडीएम सौरभ शुक्ला। - फोटो : BANDA
बांदा। कान्हा पशु आश्रय केंद्र और गोशालाओं में ठंड से अन्ना मवेशियों की लगातार हो रही मौतों पर शासन ने भी संज्ञान लिया है। प्रदेश के पशुधन विभाग के प्रमुख सचिव ने डीएम और सीडीओ से दो दिनों में रिपोर्ट तलब की है। पूछा है कि किस गोशाला में कितने पशु मरे हैं? पशुओं को ठंड से बचाने के क्या उपाय और व्यवस्थाएं की गई हैं? पशुओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी तलब की है।
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इसी माह मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ बांदा आए थे। उन्होंने तिंदवारी में नगर पंचायत के कान्हा पशु आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया था। इसके तीन दिन बाद ही लगभग पूरे चित्रकूटधाम मंडल में दो दिन तेज बारिश और ओले गिरे। गोशालाओं में खुले आसमान तले रखी गईं गायों में कई की ठंड से मौत हो गई।
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मौतों का सिलसिला अभी भी जारी है। मीडिया में रोजाना गायों की मौत प्रमुखता से छप रही खबरों के बीच प्रदेश के प्रमुख सचिव (पशुधन) बीएल मीणा ने शनिवार को सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि गोशालाओं में संरक्षित मवेशियों की ठंड से मौत हो रही है। उन्हें खुले आसमान के नीचे रखा जा रहा है। ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए हैं। प्रमुख सचिव ने कहा है कि पूर्व में निर्देश दिए गए थे कि गोशालाओं में टिनशेड की व्यवस्था की जाए। कमजोर और बीमार पशुओं को बोरा ओढ़ाया जाए। प्रमुख सचिव ने असंतोष जताते हुए कहा है कि इन आदेशों का पालन न होना चिंताजनक है।
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प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया है कि उप जिलाधिकारियों से गोशालाओं का निरीक्षण कराकर दो दिन के अंदर शासन को रिपोर्ट भेजी जाए। बताया जाए कि मार्च 2019 से अब तक कितने पशुओं की मौत हुई है? किस गोशाला में कितने पशु मरे हैं? उनकी मौत का कारण क्या है? उधर, प्रभारी डीएम संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि उप जिलाधिकारियों से गोशालाओं का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी गई है।

तैनाती स्थल पर रात्रि विश्राम करें पशु चिकित्सक
बांदा। अन्ना पशुओं की मौत और बीमारियों की लगातार आ रही खबरों के बाद चित्रकूटधाम के अपर निदेशक एके सिंह ने मंडल के सभी मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपना रोस्टर बनाकर तैनाती स्थल पर ही रात्रि विश्राम भी करें ताकि पशुओं का त्वरित इलाज हो सके। इसमें लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
चित्रकूटधाम मंडल में अन्ना पशु और अस्थायी गोशालाओं में संरक्षित गोवंश
जिला अन्ना पशु गोशाला संरक्षित पशु
बांदा 69,858 114 17053
चित्रकूट 55,300 44 6377
महोबा 40,943 125 17700
हमीरपुर 47,550 173 24084
योग 2,13,651 456 65,214
मंडल में बिना टिनशेड की गोशालाएं
जनपद गोशाला टिनशेड
बांदा 144 58
महोबा 125 83
हमीरपुर 173 133
चित्रकूट 44 24
योग 456 298
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