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जिला अस्पताल में कुत्तों का बसेरा
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 08 Oct 2016 11:39 PM IST
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जिला अस्पताल के पुरुष वार्ड में मरीज की पलंग के नीचे बैठा आवारा कुत्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। शासन के अलर्ट और प्रशासन की सख्त हिदायतों के बाद भी अस्पतालों की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों के आसपास आवारा कुत्ते बैठे रहते हैं। थोड़ा सा चूकने पर कुत्ते मरीजों और तीमारदारों के खाने-पीने का सामान चट कर जाते हैं। साथ ही मरीजों में संक्रमण का खतरा रहता है। आवारा गायें भी अस्पताल के बरामदों में तीमारदारों के सामानों पर मुंह मारती रहती हैं।
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अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इमरजेंसी से लेकर हर वार्ड और बरामदे में कुत्ते घूमते रहते हैं। मौका मिलते ही मरीजों और तीमारदारों के लिए रखे खाने, दूध आदि पर मुंह मारने से नहीं चूकते। मरीजों की पलंग के नीचे भी कुत्तों का कब्जा रहता है। ऐसे में मरीज के संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है। महिला अस्पताल में भी यही स्थिति है।
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यहां भी कुत्ते और आवारा पशु घूमते दिखाई पड़ते हैं। महिला वार्ड में भर्ती मोनिका के ससुर सुभाषचंद्र ने बताया कि खाने-पीने के सामान पर लगातार नजर रखनी पड़ती है। जरा सा चूकने पर कुत्ते मुंह मार देते हैं। पुरुष वार्ड में तीमारदार अरिमर्दन सिंह (सिसोलर) ने भी कुत्तों और आवारा पशुओं से परेशान होने की बात कही। उधर, दोनों ही अस्पतालों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों से इस बारे में बात करनी चाही तो दोनों ने ही फोन नहीं उठाए।
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