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बालू खनन में मशीनों के प्रयोग पर हाईकोर्ट सख्त
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 16 Jan 2016 11:15 PM IST
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बांदा। हाईकोर्ट की रोक के बाद भी अवैध खनन थमने का
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नाम नहीं ले रहा। खनन में खुलेआम मशीनों के इस्तेमाल पर लगाई गई रोक भी
बेअसर है।
ताजे आदेश में हाईकोर्ट ने अवैध खनन के खिलाफ रिट दायर करने वाले से ही पूछ लिया है कि कहां सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए जाएं? अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।
बांदा के दुर्गाशंकर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवैध खनन के खिलाफ रिट दायर कर रखी है। इसमें कहा है कि कोर्ट की रोक के बावजूद खनन कार्य में मशीनों का जमकर इस्तेमाल हो रहा है।
अवैध खनन की बात कही गई है। हाईकोर्ट काफी पहले ही खनन कार्य में मशीनों के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक का आदेश जारी कर चुका है।
इसके बाद भी यह थम नहीं रहा। इसी महीने सात जनवरी को इस मामले की सुनवाई में उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे बताएं कि कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए जाएं? हाईकोर्ट अब इस मामले में 28 जनवरी को सुनवाई करेगा।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर ललौली-चिल्ला रोड पर ललौली थाने में सीसी कैमरे लगाए जा चुके हैं। यह भी शिकायतें आ रही हैं कि बाधित अवधि मामले में जिन खदानों पर कोर्ट ने खनन पर रोक लगा रखी है, वहां दूसरी खदानों के रवन्ने से खनन का खेल चल रहा है।
बांदा में पांच खदानें बाधित अवधि में शामिल हैं। इनमें नरैनी क्षेत्र की पथरा और कोलावल रायपुर खदान, पैलानी तहसील की सादीमदनपुर व बरेहटा खदान और बांदा तहसील की अछरौड़ खदान शामिल है।
ताजे आदेश में हाईकोर्ट ने अवैध खनन के खिलाफ रिट दायर करने वाले से ही पूछ लिया है कि कहां सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए जाएं? अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।
बांदा के दुर्गाशंकर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवैध खनन के खिलाफ रिट दायर कर रखी है। इसमें कहा है कि कोर्ट की रोक के बावजूद खनन कार्य में मशीनों का जमकर इस्तेमाल हो रहा है।
अवैध खनन की बात कही गई है। हाईकोर्ट काफी पहले ही खनन कार्य में मशीनों के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक का आदेश जारी कर चुका है।
इसके बाद भी यह थम नहीं रहा। इसी महीने सात जनवरी को इस मामले की सुनवाई में उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे बताएं कि कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए जाएं? हाईकोर्ट अब इस मामले में 28 जनवरी को सुनवाई करेगा।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर ललौली-चिल्ला रोड पर ललौली थाने में सीसी कैमरे लगाए जा चुके हैं। यह भी शिकायतें आ रही हैं कि बाधित अवधि मामले में जिन खदानों पर कोर्ट ने खनन पर रोक लगा रखी है, वहां दूसरी खदानों के रवन्ने से खनन का खेल चल रहा है।
बांदा में पांच खदानें बाधित अवधि में शामिल हैं। इनमें नरैनी क्षेत्र की पथरा और कोलावल रायपुर खदान, पैलानी तहसील की सादीमदनपुर व बरेहटा खदान और बांदा तहसील की अछरौड़ खदान शामिल है।