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झमाझम बारिश से सराबोर हुआ मंडल

Mon, 06 Jul 2015 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Mon, 06 Jul 2015 11:50 PM IST
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Heavy rain in chitrakoot dham mandal

मौसम विभाग का पूर्वानुमान खरा साबित हुआ। सोमवार को अपराह्न करीब तीन बजे एक घंटे की झमाझम बारिश ने उमस और गर्मी को धो डाला। पूरे चित्रकूटधाम मंडल में लगभग 64 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम खुशगवार हो गया। जगह-जगह बारिश का पानी भर जाने से लोगों को परेशानी हुई, लेकिन जुलाई की पहली मानसूनी बारिश का एहसास सभी के लिए सुखद रहा।

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अमर उजाला ने सोमवार के अंक में मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देकर सोमवार को झमाझम बारिश की उम्मीद जताई थी। ज्योतिषाचार्य पंडित उमाकांत त्रिवेदी ने भी पुनर्वसु नक्षत्र में जोरदार बारिश की बात कही थी। दोपहर तक कड़ी धूप और उमस रही। अपराह्न तीन बजे मौसम ने करवट ली और आसमान पर घने बादल छा गए। थोड़ी ही देर में तेज बारिश होने लगी।
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एक घंटा से ज्यादा हुई बारिश से उमस और गर्मी काफूर हो गई। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक चित्रकूटधाम मंडल में औसतन 64 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इसमें हमीरपुर जिले में सबसे ज्यादा 70 मिलीमीटर, बांदा में 56, महोबा में 55 और चित्रकूट में 47 मिलीमीटर बारिश हुई।
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तापमान 8 डिग्री नीचे गिर गया। सोमवार को बांदा में अधिकतम तापमान 42 से घटकर 34, हमीरपुर में 34.5, महोबा में 35.6 और चित्रकूट में 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक लगातार दो दिन तक झमाझम बारिश के आसार हैं।

उधर, मंडल मुख्यालय बांदा शहर में तमाम घनी बस्तियों और प्रमुख सड़कों व चौराहों पर बारिश के कारण जलभराव हुआ। संकट मोचन मंदिर के बाहर घुटनों तक पानी भर गया। ईदगाह रोड पर लोहिया पुल, ईदगाह चौराहा, मयूर टाकीज, अमर टाकीज, बंगालीपुरा, स्वराज कालोनी, कालूकुआं चौराहा, खुटला समेत कई मोहल्लों में जलभराव ने नगर पालिका की नालों की सफाई की पोल खोल दी।

नगर पालिका के वरिष्ठ सफाई निरीक्षक हरिशंकर निरंजन ने बारिश के दौरान शहर का भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि नालियों में पालीथिन का कचरा फंसने से कुछ जगह जलभराव हुआ है। सफाई नायकों को कर्मचारियों के साथ लगाकर जलभराव की समस्या दूर की जा रही है।

किसानों के चेहरे पर मुस्कान
आषाढ़ माह में हुई जबरदस्त बारिश ने धान की बेड़ तैयार कर चुके किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। कृषि वैज्ञानिक डा. मुलायम सिंह परिहार ने इस बारिश को खरीफ की फसल के लिए बेहद लाभ दायक बताया।


उन्होंने कहा कि किसान अब अरहर, तिल, मूंग उड़द, ज्वार, मूंगफली की बुवाई में विलंब न करें। जिन किसानों ने बेड़ न डाली हो उनके लिए यह उपयुक्त समय है। बेड़ डाल चुके किसान उसमें टाप ड्रैसिंग कर सकते हैं।

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