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Banda News: मार्च में गर्मी ने तोड़ा रिकार्ड, पारा 40 के पास
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बांदा। जनपद में इस बार गर्मी ने पांच वर्षों के रिकार्ड तोड़ दिए। मार्च में अभी से तेज धूप निकल रही है। दोपहर में तेज धूप के कारण बाजार व शहर की सड़कों पर सन्नाटा की स्थिति देखने को मिल रही है। वहीं बढ़ते तापमान से किसानों की पिछेती गेहूं की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसानों का कहना है कि यदि ऐसे ही मौसम रहा तो गेहूं की उपज प्रभावित होगी।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक जनपद में बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री ज्यादा रहा। वहीं न्यूनतम तापमान की स्थिति सामान्य रही। अधिकतम तापमान 39.6 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जिले में चार दिन पूर्व बादल आए और हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इसके बाद दो दिन तापमान घटा, लेकिन मंगलवार से एक बार फिर तापमान में तेजी से इजाफा हुआ है। मौसम विज्ञानी के मुताबिक अगले दो दिनों में तापमान और बढ़ सकता है।
कृषि उप निदेशक विजय कुमार ने कहा कि जनपद में ज्यादातर इलाकों में धान की खेती होती है। इसलिए गेहूं की फसल पिछेती होती है। इस फसल को तेज धूप से नुकसान की संभावना है। उत्पादन कम हो सकता है। दलहनी व तिलहनी फसलें मड़कर किसानों के घर जा चुकी हैं।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक जनपद में बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री ज्यादा रहा। वहीं न्यूनतम तापमान की स्थिति सामान्य रही। अधिकतम तापमान 39.6 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जिले में चार दिन पूर्व बादल आए और हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इसके बाद दो दिन तापमान घटा, लेकिन मंगलवार से एक बार फिर तापमान में तेजी से इजाफा हुआ है। मौसम विज्ञानी के मुताबिक अगले दो दिनों में तापमान और बढ़ सकता है।
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कृषि उप निदेशक विजय कुमार ने कहा कि जनपद में ज्यादातर इलाकों में धान की खेती होती है। इसलिए गेहूं की फसल पिछेती होती है। इस फसल को तेज धूप से नुकसान की संभावना है। उत्पादन कम हो सकता है। दलहनी व तिलहनी फसलें मड़कर किसानों के घर जा चुकी हैं।
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