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उत्साह संग युवाओं ने कराया वैक्सीनेशन
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बांदा। पहली जून को जोरशोर से शुरू किए गए वैक्सीनेशन में नेटवर्क समस्या आड़े आ गई। बिना पूर्व रजिस्ट्रेशन के टीका लगवाने बूथों में पहुंचे युवाओं को पंजीकरण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इन्हीं तमाम अव्यवस्थाओं के बीच अलग-अलग आरक्षित बूथों में टीकाकरण हुआ। इनमें 18 से 44 वर्ष उम्र के लोग ज्यादा रहे। पहले दिन 2251 लोगों ने वैक्सीन लगवाई।
जिला अस्पताल में टीकाकरण के लिए पांच बूथ बनाए गए थे। मंडलीय चिकित्सालय में दो, होम्योपैथिक अस्पताल, हृदय रोग विभाग और जिला महिला अस्पताल में एक-एक बूथ थे। 18 से 44 वर्ष उम्र के लिए निर्धारित तीन बूथों में युवा उत्साह के साथ टीका लगवाने पहुंचे। अलबत्ता 45 से अधिक उम्र और 12 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए निर्धारित बूथों में इक्का-दुक्का भी वैक्सीन लगवाने पहुंचे। इन बूथों में अधिकांश समय सन्नाटा पसरा रहा। जिनके रजिस्ट्रेशन नहीं हुए थे उनका भी मौके पर ही पंजीकरण किया गया। रजिस्ट्रेशन से लेकर टीकाकरण तक बमुश्किल 7-8 मिनट का समय लगता है, लेकिन नेटवर्क समस्या से इसमें 20 से 30 मिनट तक लगता रहा।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मंगलवार को 2000 डोज में 2251 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। जिला अस्पताल समेत मेडिकल कालेज, जिला न्यायालय व आरसेटी में टीकाकरण हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में 21 सत्र चलाए गए। सभी केंद्रों में 18 से 44 वर्ष उम्र के लोगों की भीड़ रही। उधर, मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह और आईजी के.सत्यनारायणा व डीएम आनंद कुमार सिंह ने टीकाकरण का जायजा लिया। अपर निदेशक डा. आरबी गौतम, सीएमओ डा. एनडी शर्मा, प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एमसी पाल, सीएमएस डा. यूबी सिंह सहित हरेंद्र पवार, गणेश पांडेय, फुजैल सिद्दीकी आदि उपस्थित रहे।
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रजिस्ट्रेशन में टीकाकरण के लिए जिला अस्पताल स्थान मिला था। यहां आने पर उन्हें टीकाकरण के लिए देर तक भटकना पड़ा। कहां-किस बूथ में टीका लगेगा? कोई सही जानकारी नहीं दे रहा था। बाद में होम्योपैथिक अस्पताल में वैक्सीन लगी। - राजकन्या (शुकुलकुआं)
नेटवर्क की समस्या से सत्यापन प्रक्रिया में देर लगी। दूसरी तरफ अस्पताल में कई बूथ बनाए गए। सबके लिए अलग-अलग बूथ निर्धारित किए गए। इसकी जानकारी न होने पर उन्हें सभी बूथों में भटकना पड़ा। - सत्यजीत सिंह (सर्वोदय नगर)
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जिला अस्पताल में टीकाकरण के लिए पांच बूथ बनाए गए थे। मंडलीय चिकित्सालय में दो, होम्योपैथिक अस्पताल, हृदय रोग विभाग और जिला महिला अस्पताल में एक-एक बूथ थे। 18 से 44 वर्ष उम्र के लिए निर्धारित तीन बूथों में युवा उत्साह के साथ टीका लगवाने पहुंचे। अलबत्ता 45 से अधिक उम्र और 12 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए निर्धारित बूथों में इक्का-दुक्का भी वैक्सीन लगवाने पहुंचे। इन बूथों में अधिकांश समय सन्नाटा पसरा रहा। जिनके रजिस्ट्रेशन नहीं हुए थे उनका भी मौके पर ही पंजीकरण किया गया। रजिस्ट्रेशन से लेकर टीकाकरण तक बमुश्किल 7-8 मिनट का समय लगता है, लेकिन नेटवर्क समस्या से इसमें 20 से 30 मिनट तक लगता रहा।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मंगलवार को 2000 डोज में 2251 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। जिला अस्पताल समेत मेडिकल कालेज, जिला न्यायालय व आरसेटी में टीकाकरण हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में 21 सत्र चलाए गए। सभी केंद्रों में 18 से 44 वर्ष उम्र के लोगों की भीड़ रही। उधर, मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह और आईजी के.सत्यनारायणा व डीएम आनंद कुमार सिंह ने टीकाकरण का जायजा लिया। अपर निदेशक डा. आरबी गौतम, सीएमओ डा. एनडी शर्मा, प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एमसी पाल, सीएमएस डा. यूबी सिंह सहित हरेंद्र पवार, गणेश पांडेय, फुजैल सिद्दीकी आदि उपस्थित रहे।
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रजिस्ट्रेशन में टीकाकरण के लिए जिला अस्पताल स्थान मिला था। यहां आने पर उन्हें टीकाकरण के लिए देर तक भटकना पड़ा। कहां-किस बूथ में टीका लगेगा? कोई सही जानकारी नहीं दे रहा था। बाद में होम्योपैथिक अस्पताल में वैक्सीन लगी। - राजकन्या (शुकुलकुआं)
नेटवर्क की समस्या से सत्यापन प्रक्रिया में देर लगी। दूसरी तरफ अस्पताल में कई बूथ बनाए गए। सबके लिए अलग-अलग बूथ निर्धारित किए गए। इसकी जानकारी न होने पर उन्हें सभी बूथों में भटकना पड़ा। - सत्यजीत सिंह (सर्वोदय नगर)