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सरकार ने मांगा पांच साल का हिसाब
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बांदा। पिछले पांच सालों में ग्राम पंचायतों द्वारा किए गए खर्च का प्रदेश सरकार पाई-पाई का हिसाब लेगी। पांचवें और 15वें बजट से विकास कार्य कराए गए हैं। मजेदार बात ये है कि बजट ठिकाने लगाया पुरानों ने और प्रदेश सरकार को खर्च का हिसाब अब नए ग्राम प्रधान देंगे।
सरकार के इस फरमान से पंचायती राज विभाग सहित ग्राम पंचायतों में हड़कंप मचा है। ग्राम पंचायतों में पुराने अभिलेखों को संजोने का काम भी शुरू कर दिया गया है। बुंदेलखंड के सात जनपदों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, जालौन, ललितपुर और झांसी में 2888 ग्राम पंचायतें हैं।
पांचवें और 15वें वित्त आयोग से पिछले पांच सालों में 30 अरब से अधिक की धनराशि ग्राम पंचायतों को दी गई है। जिसमें 28 अरब से अधिक रुपये खर्च भी हो गए हैं। पूर्व प्रधानों ने कई कार्यों में बजट खर्च तो किया, लेकिन सरकार को ब्योरा नहीं दिया।
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प्रदेश के उप निदेशक (पंचायती राज) एसएन सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए उप निदेशक (पंचायत) के माध्यम से ग्राम पंचायतों से पांच सालों में दी गई राशि के खर्च का ब्योरा तलब किया है।
उप निदेशक चित्रकूटधाम मंडल से 29 और झांसी मंडल से 28 सितंबर तक खर्च का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है। निर्देश दिए हैं कि सहायक लेखाकार के माध्यम से ब्योरा निदेशालय को निर्धारित तिथि तक उपलब्ध कराया जाए।
चेतावनी दी कि वरना संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। शासन के फरमान से पंचायती राज विभाग से लेकर ग्राम पंचायतों में हड़कंप है। सचिव खर्च का ब्योरा देने के लिए अभिलेखों को संजोने में जुट गए हैं।
चित्रकूट मंडल को 16.85, झांसी को 13.95 अरब मिले
पंचायती राज विभाग के अनुसार, सरकार ने पांचवें और 15वें वित्त आयोग से झांसी मंडल को वर्ष 2015-16 से 2019-20 के अंतराल में 13.95 अरब रुपये दिए थे।
जिसमें मंडल की 1485 ग्राम पंचायतों ने 13.10 अरब रुपये खपा दिए। इसी प्रकार चित्रकूटधाम मंडल को 16.85 अरब रुपये मुहैया कराए गए, जिसमें मंडल की 1403 ग्राम पंचायतों ने 15.10 अरब रुपये खर्च कर दिए।
पांच सालों में ग्राम पंचायतों को मिला बजट व खर्च (करोड़ में)
जनपद ग्राम पंचायत बजट खर्च
बांदा 469 440 395
चित्रकूट 331 420 380
हमीरपुर 330 415 370
महोबा 273 410 365
झांसी 496 425 405
जालौन 574 560 510
ललितपुर 415 410 395
योग- 2888 3080 2820
पंचम वित्त से ये होते हैं कार्य
मानदेय, खड़ंजा, सीसी रोड, नाला-नाली निर्माण, पुलिया, पंचायत भवन निर्माण व मरम्मत आदि।
15वें वित्त से होने वाले कार्य
पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, सोलर लाइट, सैनिटाइजेशन, कीटनाशक दवा छिड़काव आदि।
ग्राम पंचायतों ने कई मद से प्राप्त बजट खर्च तो कर लिया, लेकिन उपभोग प्रमाणपत्र नहीं दिया है। सभी डीपीआरओ को निर्देश दिए गए कि वह दो दिन के अंदर ग्राम पंचायतों में व्यय राशि का उपभोग प्रमाण पत्र तुरंत उपलब्ध कराएं।
- दिनेश कुमार, उप निदेशक (पंचायत), चित्रकूटधाम मंडल, बांदा
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सरकार के इस फरमान से पंचायती राज विभाग सहित ग्राम पंचायतों में हड़कंप मचा है। ग्राम पंचायतों में पुराने अभिलेखों को संजोने का काम भी शुरू कर दिया गया है। बुंदेलखंड के सात जनपदों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, जालौन, ललितपुर और झांसी में 2888 ग्राम पंचायतें हैं।
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पांचवें और 15वें वित्त आयोग से पिछले पांच सालों में 30 अरब से अधिक की धनराशि ग्राम पंचायतों को दी गई है। जिसमें 28 अरब से अधिक रुपये खर्च भी हो गए हैं। पूर्व प्रधानों ने कई कार्यों में बजट खर्च तो किया, लेकिन सरकार को ब्योरा नहीं दिया।
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प्रदेश के उप निदेशक (पंचायती राज) एसएन सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए उप निदेशक (पंचायत) के माध्यम से ग्राम पंचायतों से पांच सालों में दी गई राशि के खर्च का ब्योरा तलब किया है।
उप निदेशक चित्रकूटधाम मंडल से 29 और झांसी मंडल से 28 सितंबर तक खर्च का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है। निर्देश दिए हैं कि सहायक लेखाकार के माध्यम से ब्योरा निदेशालय को निर्धारित तिथि तक उपलब्ध कराया जाए।
चेतावनी दी कि वरना संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। शासन के फरमान से पंचायती राज विभाग से लेकर ग्राम पंचायतों में हड़कंप है। सचिव खर्च का ब्योरा देने के लिए अभिलेखों को संजोने में जुट गए हैं।
चित्रकूट मंडल को 16.85, झांसी को 13.95 अरब मिले
पंचायती राज विभाग के अनुसार, सरकार ने पांचवें और 15वें वित्त आयोग से झांसी मंडल को वर्ष 2015-16 से 2019-20 के अंतराल में 13.95 अरब रुपये दिए थे।
जिसमें मंडल की 1485 ग्राम पंचायतों ने 13.10 अरब रुपये खपा दिए। इसी प्रकार चित्रकूटधाम मंडल को 16.85 अरब रुपये मुहैया कराए गए, जिसमें मंडल की 1403 ग्राम पंचायतों ने 15.10 अरब रुपये खर्च कर दिए।
पांच सालों में ग्राम पंचायतों को मिला बजट व खर्च (करोड़ में)
जनपद ग्राम पंचायत बजट खर्च
बांदा 469 440 395
चित्रकूट 331 420 380
हमीरपुर 330 415 370
महोबा 273 410 365
झांसी 496 425 405
जालौन 574 560 510
ललितपुर 415 410 395
योग- 2888 3080 2820
पंचम वित्त से ये होते हैं कार्य
मानदेय, खड़ंजा, सीसी रोड, नाला-नाली निर्माण, पुलिया, पंचायत भवन निर्माण व मरम्मत आदि।
15वें वित्त से होने वाले कार्य
पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, सोलर लाइट, सैनिटाइजेशन, कीटनाशक दवा छिड़काव आदि।
ग्राम पंचायतों ने कई मद से प्राप्त बजट खर्च तो कर लिया, लेकिन उपभोग प्रमाणपत्र नहीं दिया है। सभी डीपीआरओ को निर्देश दिए गए कि वह दो दिन के अंदर ग्राम पंचायतों में व्यय राशि का उपभोग प्रमाण पत्र तुरंत उपलब्ध कराएं।
- दिनेश कुमार, उप निदेशक (पंचायत), चित्रकूटधाम मंडल, बांदा