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Banda News: निशुल्क प्रवेश से दुर्ग में बढ़ी सैलानियों की संख्या, निर्णय को सराहा
Sun, 19 Apr 2026 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:20 AM IST
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फोटो - 12 दुर्ग में स्थित नीलकंठ महादेव के दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
कालिंजर। विश्व धरोहर दिवस पर कालिंजर दुर्ग में पर्यटकों की आमद ज्यादा रही। इसका सबसे बड़ा कारण दुर्ग में निशुल्क प्रवेश रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोजाना की तुलना में ज्यादा पर्यटक दुर्ग पहुंचे और उन्होंने नीलकंठ महादेव का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने शुक्रवार को ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में पर्यटकों के लिए निशुल्क प्रवेश व्यवस्था उपलब्ध कराई थी। इसका असर दिनभर देखने को मिला और सामान्य दिनों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आमतौर पर कालिंजर दुर्ग में रोजाना करीब 250 से 300 पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन विश्व धरोहर दिवस पर यह संख्या बढ़कर 500 के पार पहुंच गई। हालांकि भीड़ सामान्य ही रही और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहीं। दुर्ग परिसर स्थित प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा।
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दर्शन के लिए पहुंचे लोगों ने धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक धरोहर का भी अवलोकन किया। पर्यटकों ने निशुल्क प्रवेश की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि इससे ऐतिहासिक स्थलों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ती है। वहीं, सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर विभाग की ओर से पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, जिससे कहीं कोई अव्यवस्था नहीं हुई।
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विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने शुक्रवार को ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में पर्यटकों के लिए निशुल्क प्रवेश व्यवस्था उपलब्ध कराई थी। इसका असर दिनभर देखने को मिला और सामान्य दिनों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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आमतौर पर कालिंजर दुर्ग में रोजाना करीब 250 से 300 पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन विश्व धरोहर दिवस पर यह संख्या बढ़कर 500 के पार पहुंच गई। हालांकि भीड़ सामान्य ही रही और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहीं। दुर्ग परिसर स्थित प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा।
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दर्शन के लिए पहुंचे लोगों ने धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक धरोहर का भी अवलोकन किया। पर्यटकों ने निशुल्क प्रवेश की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि इससे ऐतिहासिक स्थलों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ती है। वहीं, सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर विभाग की ओर से पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, जिससे कहीं कोई अव्यवस्था नहीं हुई।