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Banda News: नकली नोट चलाने में पांच वर्ष का कठोर कारावास व जुर्माना
Sat, 02 Sep 2023 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 02 Sep 2023 12:34 AM IST
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बांदा। जाली नोटों के कारोबार में अतर्रा के एक प्रतिष्ठित व्यापारी संलिप्त पाया गया था। इस मामलें में दोषी को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमरुज्जमा खान की अदालत ने पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अन्य धाराओं में सजा सहित 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोषी अन्य मुकदमों मे भी सजायाफ्ता है और जेल में निरुद्ध है। उसका वारंट बनाकर जेल भेज दिया गया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी व सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि बिसंडा थाना के एसआई विनोद कुमार शुक्ला चार नवंबर 2015 को अपने पुलिस साथियों के साथ शांति व्यवस्था व गस्त में ओर की ओर जा रहे थे। उन्हे सूचना मिली कि एक व्यक्ति कमासिन रोड में गल्ले की दुकान पर नकली नोट चलाने का प्रयास कर रहा है।
टीम सूचना देने वालों के साथ पहुंचकर पहले कमासिन रोड पर कृष्णपाल प्रजापति की दुकान के सामने खड़े व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक-एक हजार के दो नोट व 500-500 के चार नोट बरामद किए। नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम अतर्रा कस्बा व थाना के मोहम्मद अत्रि नगर निवासी घनश्याम गुप्ता बताया।
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एसआई विनोद कुमार शुक्ला ने बिसंडा थाना मे जाली नोटों के अपराध में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया। मामले की विवेचना एसआई राकेश पाल ने की। आरोप पत्र 31 दिसम्बर 2015 को अदालत में प्रेषित किया। मामले का चार्ज दोषी घनश्याम गुप्ता के विरुद्ध 29 जून 2016 को बनाया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व दलीलों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 27 पृष्ठीय फैसले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। उक्त दोषी गैंगस्टर व अन्य मुकदमों में सजायाफ्ता है।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी व सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि बिसंडा थाना के एसआई विनोद कुमार शुक्ला चार नवंबर 2015 को अपने पुलिस साथियों के साथ शांति व्यवस्था व गस्त में ओर की ओर जा रहे थे। उन्हे सूचना मिली कि एक व्यक्ति कमासिन रोड में गल्ले की दुकान पर नकली नोट चलाने का प्रयास कर रहा है।
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टीम सूचना देने वालों के साथ पहुंचकर पहले कमासिन रोड पर कृष्णपाल प्रजापति की दुकान के सामने खड़े व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक-एक हजार के दो नोट व 500-500 के चार नोट बरामद किए। नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम अतर्रा कस्बा व थाना के मोहम्मद अत्रि नगर निवासी घनश्याम गुप्ता बताया।
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एसआई विनोद कुमार शुक्ला ने बिसंडा थाना मे जाली नोटों के अपराध में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया। मामले की विवेचना एसआई राकेश पाल ने की। आरोप पत्र 31 दिसम्बर 2015 को अदालत में प्रेषित किया। मामले का चार्ज दोषी घनश्याम गुप्ता के विरुद्ध 29 जून 2016 को बनाया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व दलीलों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 27 पृष्ठीय फैसले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। उक्त दोषी गैंगस्टर व अन्य मुकदमों में सजायाफ्ता है।