{"_id":"6ac13bc050199d3b3903a47d","slug":"five-arrested-for-the-murder-of-real-brothers-banda-news-c-12-1-knp1100-1671342-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: सगे भाइयों की हत्या में पांच गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: सगे भाइयों की हत्या में पांच गिरफ्तार
विज्ञापन
फोटो-25-पुलिस की गिरफ्त में पांचों हत्यारोपी। संवाद
बांदा। नरैनी के नंदवारा गांव में दो सगे मासूम भाइयों की हत्या के मामले में पुलिस ने नामजद नौ आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं लेकिन पुलिस पांचों आरोपियों से पूछताछ के बाद भी हत्या का तरीका और घटनाक्रम सामने नहीं ला सकी है।
30 सितंबर की रात नंदवारा निवासी भइयाराम के छह वर्षीय बेटे मनोज और चार वर्षीय युवराज के शव घर के पास दुकान के पीछे पानी से भरे गड्ढे में मिले थे। पोस्टमार्टम में दोनों के सिर में चोटें मिली थीं और मृत्यु का कारण चोटों को बताया गया था।
इसके बाद पिता की तहरीर पर बसपा सरकार में मंत्री रहे सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे व पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू, शेरा उर्फ ओमकार, भवानीदीन, अखिलेश, सुरेंद्र नेता, लंबरी, अर्चना और रामलली के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
पुलिस ने शनिवार को भवानीदीन, उसकी पत्नी रामलली, बेटे अखिलेश, लंबरी उर्फ रामप्रसाद और सुरेंद्र नेता को पनगरा नहर पुलिया के पास हड़हा-कबौली मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने पांचों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
उधर, हत्याकांड की जांच के बीच शनिवार दोपहर एएसपी शिवराज नंदवारा गांव पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से बातचीत कर घटना से जुड़े बिंदुओं की जानकारी ली।
-- --
पांचों ने हत्या करना स्वीकार नहीं किया
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के मुताबिक गिरफ्तार पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। घटनास्थल के आसपास कुछ लोगों ने घटना के दिन भवानीदीन और अखिलेश को देखे जाने की बात भी बताई है। हालांकि पूछताछ में पांचों ने हत्या करना स्वीकार नहीं किया। यही वजह है कि पुलिस के सामने अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों बच्चों को कहां और किसने मारा।
-- -
पूर्व मंत्री के बेटे समेत दो की भूमिका जांच के घेरे में
नामजद आरोपियों में बसपा सरकार में मंत्री रहे दिवंगत सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू व शेरा उर्फ ओमकार को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस इन दोनों की भूमिका की जांच करने की बात कह रही है। वहीं नामजद अर्चना और गिरफ्तार आरोपी अखिलेश की गर्भवती पत्नी सुनीता के खिलाफ घटना में शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिलने की बात पुलिस ने कही है।
-- -
वर्जन
बच्चों की हत्या के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने जुर्म स्वीकार नहीं किया है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्य इसी ओर इशारा कर रहे हैं। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
-पलाश बंसल, एसपी।
-- -
विज्ञापन
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं लेकिन पुलिस पांचों आरोपियों से पूछताछ के बाद भी हत्या का तरीका और घटनाक्रम सामने नहीं ला सकी है।
30 सितंबर की रात नंदवारा निवासी भइयाराम के छह वर्षीय बेटे मनोज और चार वर्षीय युवराज के शव घर के पास दुकान के पीछे पानी से भरे गड्ढे में मिले थे। पोस्टमार्टम में दोनों के सिर में चोटें मिली थीं और मृत्यु का कारण चोटों को बताया गया था।
विज्ञापन
इसके बाद पिता की तहरीर पर बसपा सरकार में मंत्री रहे सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे व पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू, शेरा उर्फ ओमकार, भवानीदीन, अखिलेश, सुरेंद्र नेता, लंबरी, अर्चना और रामलली के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
पुलिस ने शनिवार को भवानीदीन, उसकी पत्नी रामलली, बेटे अखिलेश, लंबरी उर्फ रामप्रसाद और सुरेंद्र नेता को पनगरा नहर पुलिया के पास हड़हा-कबौली मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने पांचों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
उधर, हत्याकांड की जांच के बीच शनिवार दोपहर एएसपी शिवराज नंदवारा गांव पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से बातचीत कर घटना से जुड़े बिंदुओं की जानकारी ली।
पांचों ने हत्या करना स्वीकार नहीं किया
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के मुताबिक गिरफ्तार पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। घटनास्थल के आसपास कुछ लोगों ने घटना के दिन भवानीदीन और अखिलेश को देखे जाने की बात भी बताई है। हालांकि पूछताछ में पांचों ने हत्या करना स्वीकार नहीं किया। यही वजह है कि पुलिस के सामने अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों बच्चों को कहां और किसने मारा।
पूर्व मंत्री के बेटे समेत दो की भूमिका जांच के घेरे में
नामजद आरोपियों में बसपा सरकार में मंत्री रहे दिवंगत सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू व शेरा उर्फ ओमकार को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस इन दोनों की भूमिका की जांच करने की बात कह रही है। वहीं नामजद अर्चना और गिरफ्तार आरोपी अखिलेश की गर्भवती पत्नी सुनीता के खिलाफ घटना में शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिलने की बात पुलिस ने कही है।
वर्जन
बच्चों की हत्या के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने जुर्म स्वीकार नहीं किया है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्य इसी ओर इशारा कर रहे हैं। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
-पलाश बंसल, एसपी।