{"_id":"6255b3b56532e059567c0453","slug":"first-ashra-rukhsat-quran-complete-in-jama-masjid-banda-news-knp6908414191","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहला अशरा रुखसत, जामा मस्जिद में कुरान पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहला अशरा रुखसत, जामा मस्जिद में कुरान पूरा
विज्ञापन
First Ashra Rukhsat, Quran complete in Jama Masjid
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। मंगलवार की शाम 10वें रोजे के इफ्तार के साथ रमजान माह का पहला अशरा (10 दिन) रुखसत हो गया। इसे रहमत का अशरा कहते हैं। साथ ही दूसरे अशरे की शुरूआत हो गई। उधर, तरावीह के दौरान कुरान पाठ पूरा होने का सिलसिला भी जारी है। शहर की नवाबी जामा मस्जिद में कुरान 10वें दिन मुकम्मल हो गया। यहां हाफिज अनस (हथौरा) ने कुरान सुनाया।
कुरान पूरा होने के बाद मौलाना कारी हबीब अहमद ने तकरीर में कहा कि रमजान माह हमदर्दी का है। रोजा, तरावीह, तिलावत के साथ यह भी जरूरी है कि गरीबों की मदद की जाए। यह हमदर्दी का महीना है। इफ्तार और सहरी में अपने लिए तरह-तरह की खाने की चीजें बनाई जाती हैं। इसमें अपने जरूरतमंद पड़ोसियों का भी हिस्सा होना चाहिए। मौलाना हबीब ने मुल्क की तरक्की और सलामती की दुआ कराई।
उधर, गर्मी में 14 घंटे का रोजा रखकर रोजेदार इबादत में भी रमे हुए हैं। तरावीह की नमाजें लगातार जारी हैं। मंगलवार को 10वें रोजे पर विश्व विख्यात मदरसा जामा अरबिया हथौरा की मस्जिद में भी तरावीह में कुरान पूरा हो गया। यहां मदरसा संचालक मौलाना हाफिज कारी हबीब अहमद ने कुरान सुनाया। शेख सरवर की मस्जिद, मरकज वाली मस्जिद, बोड़ा मस्जिद, रब्बानिया मस्जिद, हाथी खाना मस्जिद, अलीगंज मस्जिद सहित खुटला, बलखंडी नाका, निम्नीपार, ऊंट मोहाल, छावनी, छिपटहरी, कटरा, क्योटरा आदि की मस्जिदों में भी तरावीह की नमाजें जारी हैं। दूसरी तरफ अब ईद की तैयारियां भी तेज होने लगी हैं। देर रात तक कपड़ों की दुकानों में परदानशीं औरतों की भीड़ इकट्ठा हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरान पूरा होने के बाद मौलाना कारी हबीब अहमद ने तकरीर में कहा कि रमजान माह हमदर्दी का है। रोजा, तरावीह, तिलावत के साथ यह भी जरूरी है कि गरीबों की मदद की जाए। यह हमदर्दी का महीना है। इफ्तार और सहरी में अपने लिए तरह-तरह की खाने की चीजें बनाई जाती हैं। इसमें अपने जरूरतमंद पड़ोसियों का भी हिस्सा होना चाहिए। मौलाना हबीब ने मुल्क की तरक्की और सलामती की दुआ कराई।
विज्ञापन
उधर, गर्मी में 14 घंटे का रोजा रखकर रोजेदार इबादत में भी रमे हुए हैं। तरावीह की नमाजें लगातार जारी हैं। मंगलवार को 10वें रोजे पर विश्व विख्यात मदरसा जामा अरबिया हथौरा की मस्जिद में भी तरावीह में कुरान पूरा हो गया। यहां मदरसा संचालक मौलाना हाफिज कारी हबीब अहमद ने कुरान सुनाया। शेख सरवर की मस्जिद, मरकज वाली मस्जिद, बोड़ा मस्जिद, रब्बानिया मस्जिद, हाथी खाना मस्जिद, अलीगंज मस्जिद सहित खुटला, बलखंडी नाका, निम्नीपार, ऊंट मोहाल, छावनी, छिपटहरी, कटरा, क्योटरा आदि की मस्जिदों में भी तरावीह की नमाजें जारी हैं। दूसरी तरफ अब ईद की तैयारियां भी तेज होने लगी हैं। देर रात तक कपड़ों की दुकानों में परदानशीं औरतों की भीड़ इकट्ठा हो रही है।
विज्ञापन