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Banda News: कानूनगो, लेखपाल समेत चार पर प्राथमिकी
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-कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
-जिंदा को मृत दिखाकर जमीन वरासत करने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिंदा को मृत दिखाकर जमीन की फर्जी तरीके से वरासत करने के मामले में पुलिस ने कानूनगो, लेखपाल सहित चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की है।
सदर तहसील क्षेत्र के परसौंजा गांव निवासी देवनारायण ने बताया कि उसने पांच जुलाई को जमीन की नकल खतौनी निकलवाई तो जानकारी हुई कि उसको मृत दिखाकर 14 फरवरी 2025 को वरासत के माध्यम से उसके गांव निवासी आकाश श्रीवास व उसकी मां कुमुदबाई श्रीवास के नाम दर्ज हो गई है। जबकि वह जीवित है। उसने आरोप लगाया कि लेखपाल प्रेमचंद्र व कानूनगो अतुल मिश्रा ने उसको छति पहुंचाने के लिए जान बूझकर मृत दिखाया और वरासत कराने वालों से मिलकर फर्जी वरासत की है।
इस मामले में उसने सदर एसडीएम, तहसीलदार के अलावा डीएम को भी लिखित प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन उसकी जमीन नहीं मिली। वह खुद अपने को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों की चौखट के चक्कर काटता रहा, कुछ नहीं हुआ। असफलता मिलने पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की। थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कानूनगो, लेखपाल, मां-बेटा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसडीएम पूजा साहू ने बताया कि इस संबंध में जानकारी नहीं है। पूरे मामले की जांच की कार्रवाई की जाएगी।
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-जिंदा को मृत दिखाकर जमीन वरासत करने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिंदा को मृत दिखाकर जमीन की फर्जी तरीके से वरासत करने के मामले में पुलिस ने कानूनगो, लेखपाल सहित चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की है।
सदर तहसील क्षेत्र के परसौंजा गांव निवासी देवनारायण ने बताया कि उसने पांच जुलाई को जमीन की नकल खतौनी निकलवाई तो जानकारी हुई कि उसको मृत दिखाकर 14 फरवरी 2025 को वरासत के माध्यम से उसके गांव निवासी आकाश श्रीवास व उसकी मां कुमुदबाई श्रीवास के नाम दर्ज हो गई है। जबकि वह जीवित है। उसने आरोप लगाया कि लेखपाल प्रेमचंद्र व कानूनगो अतुल मिश्रा ने उसको छति पहुंचाने के लिए जान बूझकर मृत दिखाया और वरासत कराने वालों से मिलकर फर्जी वरासत की है।
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इस मामले में उसने सदर एसडीएम, तहसीलदार के अलावा डीएम को भी लिखित प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन उसकी जमीन नहीं मिली। वह खुद अपने को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों की चौखट के चक्कर काटता रहा, कुछ नहीं हुआ। असफलता मिलने पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की। थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कानूनगो, लेखपाल, मां-बेटा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसडीएम पूजा साहू ने बताया कि इस संबंध में जानकारी नहीं है। पूरे मामले की जांच की कार्रवाई की जाएगी।
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