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Banda News: हड़ताल से 42 समितियों में खाद वितरण ठप
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फोटो -7- अतर्रा के क्रय विक्रय केंद्र मे डीएपी के लिए धूप मे खड़े किसान। संवाद
- किसान हो रहे परेशान, एक केंद्र से दूसरे में लगा रहे चक्कर
- नरैनी में सर्वर बाधित, 250 किसानों में 75 को मिली डीएपी
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। रबी की बोआई के बीच डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। उन्हें एक केंद्र से दूसरे केंद्र तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमित वेतनमान और कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था समेत विभिन्न मांगों को लेकर बी-पैक्स कर्मचारियों की हड़ताल से 42 सहकारी समितियों में खाद वितरण ठप रहा। नरैनी के क्रय-विक्रय केंद्र पर सर्वर बाधित होने से टोकन लेने वाले 250 किसानों में से महज 75 को ही खाद मिली। अतर्रा में किसान धूप में कतार लगाकर इंतजार करते रहे, जबकि तिंदवारी की सहकारी समितियों में ताले लटके रहे।
अतर्रा के बदौसा मार्ग स्थित क्रय-विक्रय केंद्र पर बृहस्पतिवार सुबह से ही डीएपी लेने के लिए किसानों की भीड़ लग गई। केंद्र पर उपलब्ध 500 बोरी डीएपी का वितरण किया जा रहा था। केंद्र सचिव राम सिंह ने बताया कि यूरिया का स्टॉक एक सप्ताह से नहीं है। शाम तक यूरिया आने की उम्मीद है। बी-पैक्स समिति में करीब 300 बोरी डीएपी और 1100 बोरी यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद वितरण बंद रहा। बी-पैक्स सचिव रामेंद्र द्विवेदी ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते खाद नहीं बांटी जा रही है।
किसान उमाकांत तिवारी, अजय दीक्षित और राजबहादुर ने बताया कि बोआई के समय खाद नहीं मिलने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी खाद मिलने की गारंटी नहीं है। शासन ने सहकारी संस्थाओं के अधीन सेवाओं में छह महीने तक हड़ताल पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद खाद वितरण बाधित होने से किसानों की परेशानी बनी हुई है।
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समितियों के चक्कर काटते रहे किसान
तिंदवारी में उत्तरी और दक्षिणी सहकारी समितियों सहित सहकारी संघ पर खाद के लिए किसान भटकते रहे। किसान रामदीन ने बताया कि समितियों के कई चक्कर लगाने के बावजूद खाद नहीं मिल रही है। गजनी, परसौंड़ा, पिपरगवां, अमरइया, मिरगहनी, लोहारी और तेरहीमाफी समेत कई गांवों के किसानों ने खाद वितरण ठप होने पर चिंता जताई। उनका कहना है कि समय पर डीएपी नहीं मिली तो रबी की बोआई प्रभावित होगी।
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वर्जन
बी-पैक्स सचिवों और कर्मचारियों को समितियों में उपस्थित रहकर रबी अभियान के तहत खाद वितरण और अन्य विभागीय कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। -अंसल कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, बांदा
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- नरैनी में सर्वर बाधित, 250 किसानों में 75 को मिली डीएपी
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। रबी की बोआई के बीच डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। उन्हें एक केंद्र से दूसरे केंद्र तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमित वेतनमान और कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था समेत विभिन्न मांगों को लेकर बी-पैक्स कर्मचारियों की हड़ताल से 42 सहकारी समितियों में खाद वितरण ठप रहा। नरैनी के क्रय-विक्रय केंद्र पर सर्वर बाधित होने से टोकन लेने वाले 250 किसानों में से महज 75 को ही खाद मिली। अतर्रा में किसान धूप में कतार लगाकर इंतजार करते रहे, जबकि तिंदवारी की सहकारी समितियों में ताले लटके रहे।
अतर्रा के बदौसा मार्ग स्थित क्रय-विक्रय केंद्र पर बृहस्पतिवार सुबह से ही डीएपी लेने के लिए किसानों की भीड़ लग गई। केंद्र पर उपलब्ध 500 बोरी डीएपी का वितरण किया जा रहा था। केंद्र सचिव राम सिंह ने बताया कि यूरिया का स्टॉक एक सप्ताह से नहीं है। शाम तक यूरिया आने की उम्मीद है। बी-पैक्स समिति में करीब 300 बोरी डीएपी और 1100 बोरी यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद वितरण बंद रहा। बी-पैक्स सचिव रामेंद्र द्विवेदी ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते खाद नहीं बांटी जा रही है।
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किसान उमाकांत तिवारी, अजय दीक्षित और राजबहादुर ने बताया कि बोआई के समय खाद नहीं मिलने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी खाद मिलने की गारंटी नहीं है। शासन ने सहकारी संस्थाओं के अधीन सेवाओं में छह महीने तक हड़ताल पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद खाद वितरण बाधित होने से किसानों की परेशानी बनी हुई है।
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समितियों के चक्कर काटते रहे किसान
तिंदवारी में उत्तरी और दक्षिणी सहकारी समितियों सहित सहकारी संघ पर खाद के लिए किसान भटकते रहे। किसान रामदीन ने बताया कि समितियों के कई चक्कर लगाने के बावजूद खाद नहीं मिल रही है। गजनी, परसौंड़ा, पिपरगवां, अमरइया, मिरगहनी, लोहारी और तेरहीमाफी समेत कई गांवों के किसानों ने खाद वितरण ठप होने पर चिंता जताई। उनका कहना है कि समय पर डीएपी नहीं मिली तो रबी की बोआई प्रभावित होगी।
वर्जन
बी-पैक्स सचिवों और कर्मचारियों को समितियों में उपस्थित रहकर रबी अभियान के तहत खाद वितरण और अन्य विभागीय कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। -अंसल कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, बांदा

फोटो -7- अतर्रा के क्रय विक्रय केंद्र मे डीएपी के लिए धूप मे खड़े किसान। संवाद

फोटो -7- अतर्रा के क्रय विक्रय केंद्र मे डीएपी के लिए धूप मे खड़े किसान। संवाद