{"_id":"677826e57f50e931ff05dc34","slug":"fatehpur-kalinjar-new-railway-line-will-be-surveyed-again-banda-news-c-212-1-bnd1005-120179-2025-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: फतेहपुर-कालिंजर नई रेल लाइन का फिर होगा सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: फतेहपुर-कालिंजर नई रेल लाइन का फिर होगा सर्वे
विज्ञापन
कालिंजर दुर्ग।
- फोटो : संवाद
कालिंजर (बांदा)। फतेहपुर से कालिंजर-सतना रेलवे लाइन का फिर सर्वे होगा। सांसद की पहल पर रेल मंत्री ने जल्द सर्वे कराने का भरोसा दिया है। ऐतिहासिक एवं पौराणिक पर्यटन स्थल कालिंजर से फतेहपुर के लिए प्रस्तावित रेलवे लाइन ठंडे बस्ते में है, जिससे यहां का विकास ठहर गया है। धार्मिक एवं पर्यटन नगरी को रेलवे से जोड़ने पर यहां का तेजी से सर्वांगीण विकास हो सकेगा।
धार्मिक एवं पर्यटन स्थल में शामिल कालिंजर से फतेहपुर की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है। अंग्रेजी शासनकाल में कालिंजर से फतेहपुर तक रेल लाइन प्रस्तावित हुई थी, लेकिन आजादी के बाद यह ठंडे बस्ते में चली गई। कालिंजर से नरैनी, अतर्रा, बबेरू होते हुए फतेहपुर तक रेलवे लाइन बनने से इस क्षेत्र का तीव्र विकास हो सकता है। लाखों लोगों को बेहतर आवागमन का साधन मिलने के साथ स्थानीय लोगों को सुविधाएं व रोजगार भी उपलब्ध होंगे। साथ ही धार्मिक व पौराणिक नगरी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। लेकिन, रेलवे लाइन के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण क्षेत्र का विकास रुक सा गया है।
व्यापारी शीलूराज का कहना है कि कालिंजर देश का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां से प्रस्तावित रेलवे लाइन का पुनः सर्वे कराकर सतना से कालिंजर होते हुए फतेहपुर तक रेलवे लाइन का विस्तार किया जाना चाहिए। इससे यहां आने वाले पर्यटकों व व्यापारियों को सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के साधन भी मिल सकेंगे।
विज्ञापन
नितेश भदौरिया के मुताबिक क्षेत्र के विकास के लिए रेलवे लाइन का होना अति आवश्यक है। यदि कालिंजर को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाता है तो पर्यटन के साथ अन्य लोगों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। इससे महानगरों के पलायन पर रोक लगेगी
कोमल कुशवाहा का कहना है कि कालिंजर दुर्ग ऐतिहासिक एवं पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां देश-विदेश से सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है। रेलवे लाइन से जुड़ने के बाद इस पिछड़े क्षेत्र का विकास होगा। साथ ही रोजगार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
कालिंजर से अतर्रा, बबेरू होते हुए फतेहपुर रेलवे लाइन के लिए सर्वे हुआ था, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ सका। पिछले दिनों रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने एक बार फिर से इस रेल लाइन का सर्वे कराने का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही जनता को रेल नेटवर्क मिल जाएगा, जिससे यहां का सर्वांगीण विकास हो सकेगा। -कृष्णा देवी पटेल, लोकसभा सांसद।
विज्ञापन
धार्मिक एवं पर्यटन स्थल में शामिल कालिंजर से फतेहपुर की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है। अंग्रेजी शासनकाल में कालिंजर से फतेहपुर तक रेल लाइन प्रस्तावित हुई थी, लेकिन आजादी के बाद यह ठंडे बस्ते में चली गई। कालिंजर से नरैनी, अतर्रा, बबेरू होते हुए फतेहपुर तक रेलवे लाइन बनने से इस क्षेत्र का तीव्र विकास हो सकता है। लाखों लोगों को बेहतर आवागमन का साधन मिलने के साथ स्थानीय लोगों को सुविधाएं व रोजगार भी उपलब्ध होंगे। साथ ही धार्मिक व पौराणिक नगरी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। लेकिन, रेलवे लाइन के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण क्षेत्र का विकास रुक सा गया है।
विज्ञापन
व्यापारी शीलूराज का कहना है कि कालिंजर देश का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां से प्रस्तावित रेलवे लाइन का पुनः सर्वे कराकर सतना से कालिंजर होते हुए फतेहपुर तक रेलवे लाइन का विस्तार किया जाना चाहिए। इससे यहां आने वाले पर्यटकों व व्यापारियों को सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के साधन भी मिल सकेंगे।
विज्ञापन
नितेश भदौरिया के मुताबिक क्षेत्र के विकास के लिए रेलवे लाइन का होना अति आवश्यक है। यदि कालिंजर को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाता है तो पर्यटन के साथ अन्य लोगों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। इससे महानगरों के पलायन पर रोक लगेगी
कोमल कुशवाहा का कहना है कि कालिंजर दुर्ग ऐतिहासिक एवं पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां देश-विदेश से सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है। रेलवे लाइन से जुड़ने के बाद इस पिछड़े क्षेत्र का विकास होगा। साथ ही रोजगार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
कालिंजर से अतर्रा, बबेरू होते हुए फतेहपुर रेलवे लाइन के लिए सर्वे हुआ था, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ सका। पिछले दिनों रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने एक बार फिर से इस रेल लाइन का सर्वे कराने का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही जनता को रेल नेटवर्क मिल जाएगा, जिससे यहां का सर्वांगीण विकास हो सकेगा। -कृष्णा देवी पटेल, लोकसभा सांसद।