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एक-एक बोरी खाद के लिए परेशान किसान

Wed, 27 Oct 2021 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 11:21 PM IST
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Farmers upset for each sack of manure
Farmers upset for each sack of manure - फोटो : BANDA
बांदा। रबी सीजन में दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई शुरू हो गई है। ऐसे में डीएपी और यूरिया की मांग बढ़ी है। खाद लेने के लिए केंद्र पर किसानों की भीड़ उमड़ रही है। एक बोरी खाद के लिए उन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि बाजार में खाद के लिए पैसा अधिक लग रहा है। नकली मिल रही है।
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जनपद में इस वर्ष करीब साढ़े तीन लाख हेक्टेयर में रबी फसल बुवाई होनी है। फसलों की बुवाई से लेकर टॉप ड्रेसिंग आदि समय तक खाद की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में किसान एक-एक बोरी खाद को परेशान हैं। किसानों का कहना है कि सरकारी बिक्री केंद्रों में खाद नहीं मिल नहीं पा रही है। प्राइवेट दुकानों में पैसा अधिक लग रहा है। खाद भी सही नहीं मिल रही है। ऐसे में किसान सरकारी खाद पर अधिक भरोसा कर रहे हैं।
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कृषि विभाग के मुताबिक जनपद में 4128 एमटी (मीट्रिक टन) यूरिया और 3886 एमटी डीएपी खाद की जरूरत है। जनपद में 5190 एमटी यूरिया और 6342 एमटी डीएपी खाद उपलब्ध है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने दावा किया है कि जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक है। किन्हीं कारणों से सेंटरों में खाद पहुंचने में देरी होने पर किसान हंगामा शुरू कर देते हैं। किसानों को पॉस मशीन के जरिए उचित रेट में खाद दी जा रही है।
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प्रतिदिन 200 किसानों को बंट रही खाद
मंडी समिति में स्थित पीसीएफ केंद्र प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि प्रतिदिन करीब 200 किसानों को टोकन के जरिए खाद का वितरण किया जा रहा है। खाद की कमी नहीं है। दो दिन में एक ट्रक खाद आ रही है। बारिश के बाद किसान खाद के लिए उमड़ पड़े हैं। किसानों का सरकारी खाद पर कुछ अधिक भरोसा है।

पता नहीं खाद कहां जा रही
मवई गांव के किसान रामसनेही का कहना है कि दो दिन से खाद के लिए परेशान हैं। खाद नहीं मिल पा रही है। बाजार में मनमानी पैसा देने के बाद भी सही खाद नहीं मिल रही है। गुरेह गांव के शशि कुमार का कहना है कि समितियों में खाद तो आ रही, लेकिन किसानों को नहीं मिल रही। खाद की कालाबाजारी हो रही है। अधिकारी मौन धारण किए हैं।

Farmers upset for each sack of manure

Farmers upset for each sack of manure- फोटो : BANDA

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