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Banda News: पट्टा निरस्त होने पर भटक रहे किसान
Fri, 31 Jul 2026 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:49 PM IST
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फोटो 5- जमीन का पट्टा निरस्त होने पर शिकायत करने कलक्ट्रेट पहुंचे गुरेह गांव के ग्रामीण। संवाद
बांदा। पांच दशक तक जिस जमीन पर अपना पसीना बहाकर उसे कृषि योग्य बनाया। वह जमीन अचानक सरकार के खाते में डाल दी गई है।
पट्टा निरस्त होने से दर-दर भटकने को मजबूर हुए किसान शुक्रवार को डीएम से मिले। उन्होंने अपने परिवार के भरण-पोषण का हवाला देते हुए जांच कर जमीन पर स्वामित्व देने की मांग की।
तहसील बांदा के ग्राम पंचायत गुरेह गांव के किसान रामशरण वर्मा, पवन कुमार, अशोक सिंह, अंगद, अवधेश आदि शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम से मुलाकात की और उन्हें शिकायती पत्र सौंपा। बताया कि वह सभी भूमिहीन थे और करीब पांच दशक पहले उन्हें प्रशासन ने खेती के लिए जमीन पट्टे पर दी थी। जिसके सहारे वह इतने सालों से खेती करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते आ रहे हैं।
आरोप लगाया कि राजस्व कर्मियों ने बिना किसी जांच व परिवारों की हालत देखे, पट्टे की जमीन को बंजर भूमि और पंचायत भवन के खाते में दर्ज कर पट्टा निरस्त कर दिया है। अब वह लोग दर-दर भटकने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पट्टों को बहाल कर, श्रेणी परिवर्तन कराकर उन्हें जमीन पर स्वामित्व दिया जाए।
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कहा कि कुछ लोग पौधरोपण के बहाने इस भूमि पर कब्जा करने की भी साजिश रच रहे हैं। डीएम ने जांच का आश्वासन दिया है।
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पट्टा निरस्त होने से दर-दर भटकने को मजबूर हुए किसान शुक्रवार को डीएम से मिले। उन्होंने अपने परिवार के भरण-पोषण का हवाला देते हुए जांच कर जमीन पर स्वामित्व देने की मांग की।
तहसील बांदा के ग्राम पंचायत गुरेह गांव के किसान रामशरण वर्मा, पवन कुमार, अशोक सिंह, अंगद, अवधेश आदि शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम से मुलाकात की और उन्हें शिकायती पत्र सौंपा। बताया कि वह सभी भूमिहीन थे और करीब पांच दशक पहले उन्हें प्रशासन ने खेती के लिए जमीन पट्टे पर दी थी। जिसके सहारे वह इतने सालों से खेती करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते आ रहे हैं।
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आरोप लगाया कि राजस्व कर्मियों ने बिना किसी जांच व परिवारों की हालत देखे, पट्टे की जमीन को बंजर भूमि और पंचायत भवन के खाते में दर्ज कर पट्टा निरस्त कर दिया है। अब वह लोग दर-दर भटकने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पट्टों को बहाल कर, श्रेणी परिवर्तन कराकर उन्हें जमीन पर स्वामित्व दिया जाए।
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कहा कि कुछ लोग पौधरोपण के बहाने इस भूमि पर कब्जा करने की भी साजिश रच रहे हैं। डीएम ने जांच का आश्वासन दिया है।