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किसानों की पैरवी में बसपा भी कूदी, धरना देकर दी चेतावनी, सर्वे में गड़बड़ी न करें अधिकारी

Sat, 21 Mar 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Sat, 21 Mar 2015 11:42 PM IST
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Farmers in lobbying bsp

किसानों की पैरवी में बसपा भी कूद पड़ी। धरना और प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। चेतावनी दी कि किसानों को भरपूर राहत नहीं मिली तो धरना और भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

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उधर, अन्य संगठनों ने भी किसानों को मुआवजे के लिए मांग की। कलेक्ट्रेट के पास शनिवार को बसपा ने धरना दिया। विधायक जीसी दिनकर ने फसलों के सर्वे मेें कटौती और मनमानी कर रहे अफसरों से कहा कि अफसरशाहों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह सिर्फ वेतन नहीं खाते, अनाज भी खाते हैं।
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किसानों को सिर्फ राहत नहीं बल्कि उनके नुकसान की पूरी भरपाई होनी चाहिए। एक-एक खेत का सर्वे कराया जाए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के झूठे वादों पर भी कटाक्ष किया। कोआर्डिनेटर राम किशोर वर्मा और बसपा नेता मुमताज अली ने कहा कि दो बीघा में 15 किलो अनाज निकलना भी मुश्किल है। उन्होंने खुद खेतों में जाकर यह देखा है।
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सरकार ने भरपाई न की तो प्रदर्शन और भूख हड़ताल जारी रहेेंगे। सभा को जिलाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, पूर्व मंत्री बाबूलाल कुशवाहा, प्रत्याशी मुधसूदन कुशवाहा (बांदा), जगदीश प्रजापति (तिंदवारी), मोहम्मद इदरीस, बीएम कुशवाहा, लल्लू निषाद, आनंद यादव, नवरतन कुशवाहा, दिनेश शुक्ला लाला, अय्यूब खां, बल्देव प्रसाद ने भी संबोधित किया।

सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से गवर्नर को 11 सूत्रीय ज्ञापन भेजकर मुआवजे में वृद्धि, बटाईदार, मजदूर और बागवानी किसानों को भी मुआवजा, कर्जमाफी, आकस्मिक मृत्यु पर दो लाख अनुदान, 50 फीसदी से अधिक क्षति होने पर मुआवजा मिलने की शर्त खत्म करने आदि की मांगे की गई हैं।

आर चंद्रा, गुलाब सिंह वर्मा, शिवकरन दिनकर, अभिषेक भास्कर, ज्ञानचंद्र प्रजापति, मोहम्मद यार खां, मौला बक्श, हुसैन खां, राम मिलन कुशवाहा, अशरफ उल्ला, पूर्व ब्लाक प्रमुख रणजीत सिंह, संतोष राजा (अतर्रा) आदि उपस्थित रहे।

विधानसभा में दैवीय आपदा पर एक घंटा चर्चा
बुंदेलखंड में मौसम की मार से मची तबाही विधानसभा तक पहुंच गई। कांग्रेस विधायक दलजीत सिंह ने शुक्रवार को विधान सभा में यह मुद्दा जोर शोर से उठाया। उन्होंने बताया कि विधान सभा अध्यक्ष ने इस पर एक घंटे की चर्चा मंजूर कर ली।

विधायक ने कहा कि जिले के अधिकारियों की भेजी गई रिपोर्ट हतोत्साहित करने वाली है। किसी भी किसान की मौत गरीबी या दैवीय आपदा से नहीं मानी गई है। विधायक ने मांग की कि विधान सभा सदस्यों की सर्वदलीय कमेटी बनाकर किसान आत्महत्याओं की जांच कराई जाए। अतिवृष्टि को भी दैवीय आपदा में शामिल करने की मांग की।

आप और तिरहार मंच का आंदोलन कल

बांदा। आम आदमी पार्टी ने किसानों की वकालत में 23 मार्च को पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर आंदोलन की घोषणा की है। जिला संयोजक अवधेश कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। बुंदेलखंड तिरहार विकास मंच ने भी 23 मार्च को जिला मुख्यालय में अशोक लाट पर एक दिवसीय धरना और पीएम व सीएम को ज्ञापन भेजने की घोषणा की है।


अध्यक्ष प्रमोद आजाद ने बताया कि यह निर्णय मंच की बैठक में लिया गया है। भारतीय किसान सेना ने अमारा गांव में ‘किसान भवन’ में उपवास शुरू कर दिया था।

शनिवार को एसडीएम पैलानी ने अध्यक्ष रमाकांत मिश्र को मांगे पूरी करने का आश्वासन देकर उपवास खत्म कराया।  भारतीय किसान यूनियन की मंडल यूनिट ने आयुक्त को पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया। मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी सहित मनरूप सिंह परिहार, राजकरन सिंह, राजाबाई त्रिवेदी, रामदास साहू, शैलेश वाजपेई आदि शामिल रहे।

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