फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Farmers are not liking Nano DAP

Banda News: किसानों को नहीं भा रही नैनो डीएपी

Sat, 26 Oct 2024 01:25 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Oct 2024 01:25 AM IST
विज्ञापन
Farmers are not liking Nano DAP
बांदा। सहकारी समितियों में लाइन लगाने के बाद भी किसानों को दानेदार डीएपी नहीं मिल रही है, जबकि नैनो डीएपी का पर्याप्त स्टाॅक है। किसान नैनो डीएपी लेने से कतरा रहे हैं। इनका कहना है कि वे नैनो खाद का इस्तेमाल करना नहीं जानते। इससे पहले कभी प्रयोग भी नहीं किया है। इस कारण उन्हें इस पर विश्वास नहीं हो रहा है। यदि नैनो खाद के इस्तेमाल से फसल अच्छी नहीं हुई तो सारी मेहनत बेकार हो जाएगी।
विज्ञापन

चित्रकूटधाम मंडल में करीब ढाई लाख हेक्टेयर में दलहनी व तिलहनी फसलें होती हैं। 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक बुआई की जाती हैं। खेत तैयार हैं, लेकिन डीएपी न मिलने से किसान बुआई नहीं कर पा रहे हैं। मंडल में इस वर्ष रबी सीजन में 32,556 टन डीएपी वितरण का लक्ष्य था। अभी तक 11 हजार टन डीएपी वितरण का दावा किया जा रहा है। बिक्री केंद्रों पर 1152 टन डीएपी उपलब्ध है।
विज्ञापन

पीसीएफ के बफर स्टॉक में 2084 टन डीएपी है। प्रीपोजिसनिंग में 1203 टन डीएपी खाद बची है। डीएपी का स्टॉक खत्म न हो जाए, इसलिए अधिकारी समितियों में दो-दो दिन बाद एक-एक ट्रक (पांच-पांच सौ बोरी) डीएपी भेज रहे हैं, जबकि समितियों में तकरीबन 500 किसानों की लाइन रहती है। एक किसान को एक या दो बोरी खाद दी जा रही है। ऐसे में उन्हें बुआई छोड़कर खाद के लिए भटक रहे है। नैनो डीएपी खपाने के चक्कर में मंडल के चारों जिलों में डीएपी के स्टॉक में कटौती कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नैनो डीएपी की 55,213 बोतलें बांटने का लक्ष्य
मंडल में इस वर्ष रबी सीजन में 55 हजार 213 बोतल नैनो डीएपी बांटने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष अभी तक 9397 बोतलें ही वितरित की गई हैं। बांदा में 9668 बोतलों के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक 72 बोतलें, चित्रकूट में 23089 लक्ष्य के सापेक्ष 6895, महोबा में 15597 बोतलों के सापेक्ष 2314 और हमीरपुर में 6859 बोतलों के सापेक्ष अभी तक 1272 बोतलें किसानों को दी गई हैं। बफर स्टॉक में 12213 बोतलें अभी रखी हैं। नैनो डीएपी की 500 एमएल बोतल की कीमत छह सौ रुपये है। किसानों को दो बोरी डीएपी खाद के साथ इस जबरन दी जा रही है।

नैनो डीएपी से बीज करें उपचारित, होगी बचत
मंडी समिति बांदा में इफको ने किसान सभा कर उन्हें जागरूक किया। इफ्को के क्षेत्राधिकारी प्रतीक चौबे ने कहा कि नैनो उर्वरक से करीब 50 प्रतिशत दानेदार उर्वरक की बचत कर सकते हैं। किसानों की उन पर होने वाली निर्भरता कम कर खेती में कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण उपज ले सकते हैं। नैनो उर्वरक पारंपरिक यूरिया (266.50 रुपये प्रति बोरी) व डीएपी (1350 रुपये प्रति बोरी) से सस्ता नैनो यूरिया प्लस 225 रुपये व 500 एमएल बोतल, नैनो डीएपी 600 रुपये व 500 एमएल बोतल क्रमशः 42 रुपये एवं 750 रुपये की सीधे किसानों की बचत करता है। नैनो डीएपी (तरल) से गेहूं, धान चना, सरसों, दलहन तिलहन की फसलों के बीज एवं जड़ उपचार करने पर बीज अंकुरण में वृद्धि एवं जड़ क्षेत्र का अधिक विकास, सभी फसलों के लिए उपयोगी, पैदावार में बढोत्तरी कर सकते हैं।


वर्जन-
-मंडल के चारों जिलों के लिए डीएपी की रैक तीन दिन में आ जाएगी। अभी पीसीएफ के बफर में पर्याप्त खाद है। किसान दलहनी व तिलहनी फसलों की बोआई में निर्धारित मात्रा में ही डीएपी खाद का उपयोग करें। नैनो डीएपी के इस्तेमाल से खाद आधी लगेगी। -प्रदीप सिंह, उपायुक्त व निबंधक, सहकारिता, चित्रकूटधाम मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed