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खेत में सो रहे किसान की मचान गिरने से मौत
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मोतियारी गांव में घटनास्थल पर लगी परिजनों और ग्रामीणों की भीड़।
- फोटो : BANDA
नरैनी। अन्ना मवेशियों से खेत बचाने के चक्कर में एक और खेतिहर मजदूर किसान को जान गंवानी पड़ी। खेत में बने मचान ढह जाने से उस पर सो रहे किसान की नीचे दबकर मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कोतवाली क्षेत्र के बेला पुरवा (मोतियारी) गांव में रामदास (45) पुत्र चुनुबाद यादव फसल की रखवाली के लिए रात में भी खेत में ही रहता था। उसने खेत में मचान बना रखा था। उसी पर सोता था। बृहस्पतिवार को देर शाम घर से खेत पहुंचा। अगले दिन सुबह शुक्रवार घर नहीं लौटा।
इसी बीच पड़ोसी किसान विजय ने खेत से फोन पर घर में सूचना दी कि रामदास का मचान गिर गया और वह उसके नीचे दबा पड़ा है। उसकी मृत्यु हो चुकी है। पुत्र धनंजय और भूरा मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कोतवाली के उप निरीक्षक बृजकिशोर तिवारी व अर्जुन सिंह ने मौके पर आकर परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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उप निरीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि रात को बारिश हो रही थी। उसी में मचान गिर जाने से मलबे में दबकर ठंड से मौत हो गई। घरवालों ने बताया कि अपनी निजी जमीन नहीं है। गांव के कुछ किसानों से 15 बीघा जमीन बटाई पर ले रखी है। मृतक के चार बेटे हैं।
उधर, कछिया पुरवा और पड़ोसी गांव बेला पुरवा तथा मोतियारी गांव के किसानों ने बताया कि लगभग 500 अन्ना मवेशी हैं। रात-दिन इनकी धमाचौकड़ी है। खेत की रखवाली में चूक होते ही यह फसल सफाचट कर जाती हैं। ऐसे में दिन-रात खेतों की रखवाली करना किसानों की मजबूरी है।
अन्ना मवेशी बाहर घूम रहे, गोशाला में पल रहीं बकरियां
बांदा। शहर सीमा के नजदीक स्थित हटेटी पुरवा (शहर कोतवाली) में नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित गोशाला यहां के चौकीदार की बकरी पालन का अड्डा बन गई है। अन्ना गायें गांव में खेती को तबाह कर रही हैं। डीएम सहित उच्चाधिकारियों को भेजी अर्जी में गांव के रामखिलावन, लल्लन मंसूरी, रामकृपाली, रामऔतार, ओमप्रकाश, दुर्गा, कैलाश यादव, रामआसरे आदि ने कहा है कि जनपद में किसी वीआईपी के आने पर ही इस गोशाला में पशु बंद किए जाते हैं। बाकी छोड़ दिए जाते हैं। अन्ना गायें उनकी खेती को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। किसानों ने गायों को गोशाला में बंद कराने की मांग की है।
उधर, ग्रामीणों ने एक अन्य ज्ञापन में कहा है कि हटेटी पुरवा ग्राम पंचायत अन्ना पशुओं को चारा-भूसा और ठंड से बचाने के नाम पर खेल कर रही है। पशु छुट्टा घूमकर खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजते हुए अन्ना पशुओं पर हुए खर्च की जांच कराने की मांग की है।
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कोतवाली क्षेत्र के बेला पुरवा (मोतियारी) गांव में रामदास (45) पुत्र चुनुबाद यादव फसल की रखवाली के लिए रात में भी खेत में ही रहता था। उसने खेत में मचान बना रखा था। उसी पर सोता था। बृहस्पतिवार को देर शाम घर से खेत पहुंचा। अगले दिन सुबह शुक्रवार घर नहीं लौटा।
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इसी बीच पड़ोसी किसान विजय ने खेत से फोन पर घर में सूचना दी कि रामदास का मचान गिर गया और वह उसके नीचे दबा पड़ा है। उसकी मृत्यु हो चुकी है। पुत्र धनंजय और भूरा मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कोतवाली के उप निरीक्षक बृजकिशोर तिवारी व अर्जुन सिंह ने मौके पर आकर परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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उप निरीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि रात को बारिश हो रही थी। उसी में मचान गिर जाने से मलबे में दबकर ठंड से मौत हो गई। घरवालों ने बताया कि अपनी निजी जमीन नहीं है। गांव के कुछ किसानों से 15 बीघा जमीन बटाई पर ले रखी है। मृतक के चार बेटे हैं।
उधर, कछिया पुरवा और पड़ोसी गांव बेला पुरवा तथा मोतियारी गांव के किसानों ने बताया कि लगभग 500 अन्ना मवेशी हैं। रात-दिन इनकी धमाचौकड़ी है। खेत की रखवाली में चूक होते ही यह फसल सफाचट कर जाती हैं। ऐसे में दिन-रात खेतों की रखवाली करना किसानों की मजबूरी है।
अन्ना मवेशी बाहर घूम रहे, गोशाला में पल रहीं बकरियां
बांदा। शहर सीमा के नजदीक स्थित हटेटी पुरवा (शहर कोतवाली) में नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित गोशाला यहां के चौकीदार की बकरी पालन का अड्डा बन गई है। अन्ना गायें गांव में खेती को तबाह कर रही हैं। डीएम सहित उच्चाधिकारियों को भेजी अर्जी में गांव के रामखिलावन, लल्लन मंसूरी, रामकृपाली, रामऔतार, ओमप्रकाश, दुर्गा, कैलाश यादव, रामआसरे आदि ने कहा है कि जनपद में किसी वीआईपी के आने पर ही इस गोशाला में पशु बंद किए जाते हैं। बाकी छोड़ दिए जाते हैं। अन्ना गायें उनकी खेती को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। किसानों ने गायों को गोशाला में बंद कराने की मांग की है।
उधर, ग्रामीणों ने एक अन्य ज्ञापन में कहा है कि हटेटी पुरवा ग्राम पंचायत अन्ना पशुओं को चारा-भूसा और ठंड से बचाने के नाम पर खेल कर रही है। पशु छुट्टा घूमकर खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजते हुए अन्ना पशुओं पर हुए खर्च की जांच कराने की मांग की है।