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Banda News: पाकिस्तान की जेल से छूटकर आए बेटे को देख परिजन खुश

Fri, 28 Feb 2025 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2025 11:44 PM IST
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Family happy to see son released from Pakistan jail
परिजनों के साथ भतीजे को गोद में खिलाता शैलेंद्र। - फोटो : संवाद
तिंदवारी (बांदा)। पाकिस्तान की जेल से साढ़े तीन साल बाद छूटकर शैलेंद्र गांव पहुंचा तो घरवालों की आंखें खुशी से नम हो गईं। उसने पाकिस्तान की जेल में सही यातनाएं बताईं। बताया कि पाकिस्तानी जेल में बंद बीमार बंदियों को वहां की सरकार ने रिहा किया है। उसे भी टीबी की बीमारी हैं। इस कारण रिहा कर दिया गया।
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थानाक्षेत्र के जसईपुर गांव निवासी रामलाल वर्मा का 27 वर्षीय पुत्र शैलेंद्र जुलाई 2021 में गुजरात के पोरबंदर बंदरगाह में ठेकेदार के कहने पर मछली पकड़ने गया था। दिशा भ्रम होने पर अन्य साथियों के साथ पाकिस्तान की सीमा में चला गया। पाकिस्तानी सैनिकों ने उनको गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया था। शैलेंद्र ने बताया कि जेल में उससे साफ सफाई का कार्य कराया जाता था। बीमार होने पर उपचार के नाम पर जेल में ही कुछ दवा ही दी जाती थी। पूरे दिन में सिर्फ पांच रोटी दी जाती थी। वतन वापसी पर इदी संस्था ने पांच हजार पाकिस्तानी रुपये दिए, जो बेमतलब साबित हो गए।
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मां और बूढ़ी दादी ने शैलेंद्र को सीने से लगाया
शैलेंद्र जब घर पहुंचा तो सहसा परिजनों को यकीन ही नहीं हुआ। बेटे को सामने देख मां हीराबाई और बूढ़ी दादी दुर्जनिया ने सीने से लगा लिया। दादी ने पौत्र की वापसी पर भगवान को धन्यवाद दिया। कहा कि तीन वर्ष से आंखें पथरा गई थीं। कहा कि बेटे के आने पर घर में खुशियां मनाई जाएंगी।
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पिता को सता रही उपचार की चिंता
पाकिस्तान से बीमारी हालत में घर पहुंचे शैलेंद्र के पिता के सामने मुसीबताें का पहाड़ टूट पड़ा। पिता रामलाल ने बताया कि वह आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं। बेटे का उपचार कराने में अक्षम हैं। कहा कि शासन प्रशासन से मदद की गुहार लगाएंगे। शायद कोई सुन ले। वहीं, क्षेत्र पंचायत सदस्य रज्जन सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। प्रशासन को पूरा मामला बताकर उपचार के लिए मदद मांगी जाएगी।
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