फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Fair debut with Bhandare Simunidham

भंडारे के साथ सिमौनीधाम मेले का आगाज

Fri, 16 Dec 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा Updated Fri, 16 Dec 2016 12:10 AM IST
विज्ञापन
Fair debut with Bhandare Simunidham
सिमौनीधाम मेले में लंगर छकते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला

तीन दिवसीय मेला और भंडारा यहां शुरू हो गया। परंपरा के मुताबिक भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे में जलेबी, मालपुआ, पूड़ी-सब्जी आदि का लंगर छका। प्रसाद के लिए काउंटरों पर भीड़ रही।

विज्ञापन


सुबह से साधु-संतों को प्रसाद ग्रहण कराने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। यह देर रात तक चला। महिला व पुरुषों के अलग-अलग काउंटरों में पूड़ी, सब्जी, मालपुआ, जलेबी और पोहा बांटा गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ ने स्वामी अवधूत महाराज से आशीर्वाद लिया। दिल्ली, आगरा, उज्जैन, हरियाणा व राजस्थान के कारीगर प्रसाद व पकवान तैयार कर रहे हैं। उनके साथ श्रमदानी भी जुटे हैं।
विज्ञापन


श्रमदानियों में बच्चा सिंह, बृजमोहन सिंह, चंद्रपाल कुशवाहा, जगमोहन विश्वकर्मा, मनोज सिंह, मनोज तिवारी (महोबा), पूर्व प्रधान कमल यादव, फूलचंद्र यादव समेत सैकड़ों श्रमदानी शामिल हैं। जेपी शर्मा इंटर कालेज के स्काउट-गाइड भी व्यवस्था में सहयोगी बने।
विज्ञापन
विज्ञापन


दुकानें व प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र
सिमौनीधाम। यहां दुकानें, झूले व प्रदर्शनी ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हैं। राष्ट्रीय जूट बोर्ड प्रदर्शनी प्रभारी मनोज कुमार थरानी की देखरेख में 20 दुकानें सजाई गईं हैं। इसमें कालीन, दरी, साड़ियां और तरह-तरह के कपड़े व खिलौने बिक रहे हैं। हथकरघा वस्त्र मंत्रालय प्रभारी ज्ञान प्रकाश के नेतृत्व में 45 स्टाल लगाए गए हैं। कृषि विभाग की प्रदर्शनी में कृषि यंत्र, कृषि रक्षा और इससे संबंधित जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने भी अपना स्टाल लगाया है।

मधुवन में अलख निरंजन की गूंज
सिमौनीधाम। हरे-भरे मधुवन में विभिन्न प्रांतों व दूर-दराज से आए सैकड़ों साधु-संतों ने डेरा डाल रखा है। वह यहां मस्त होकर धूनी रमा रहे हैं। दिन भर चिलम में चिंगारियां चमक रही हैं। उधर, चिमटे की धुन से मधुवन गूंज रहा है। साधुओं का आना जारी है। संत बालकदास त्यागी (अमरकंटक) व जूनागढ़ (गुजरात) के गंगागिरि महराज शिष्यों के साथ डेरा डाले हैं। जगह-जगह अलाव जल रहे हैं।

भरथरी नाटक का मंचन
सिमौनीधाम। मेला स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम है। पहले दिन नाटक भरथरी का मंचन कर कलाकारों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। राजा भरथरी का किरदार रामजी व पिंगला की भूमिका लखन ने निभाई। महंत शंकरदत्त ने बाबा गोरखनाथ, अमरजीत सिंह ने अश्वपाल, कलामंच संयोजक रज्जन मिश्रा (बांदा) और हास्य कलाकार बिट्टो रानी (बांदा) ने भूमिका अदा की। पीठ व्यास राजनारायण रहे। नाल में अनिल सिंह ने संगत दी। संयोजक ने बताया कि रात में रामलीला का मंचन होगा।
 
निर्बलों के बलराम हैं अवधूत महाराज
सिमौनीधाम। कठिन तपस्या के बल पर स्वामी अवधूत महाराज निर्बलों के बलराम बन गए। सिमौनी गांव की माटी में जन्में बलराम महराज गांव किनारे गड़रा नदी की जलधारा के बीच बैठकर मानव कल्याण के चिंतन में जुट गए। ईश्वर की आराधना में ऐसी लगन लगी कि घर-बार छोड़कर कठिन तपस्या में लीन हो गए। हनुमान के परम उपासक बलराम अवधूत महाराज के नाम से पहचाने जाने लगे। दिल्ली में मंदिर और ट्रस्ट की स्थापना की।


अपनी मातृ भूमि सिमौनी की धाम के रूप में देशव्यापी पहचान दी। 1969 से अखंड रामनाम कीर्तन की शुरूआत कराई। यह लगातार जारी है। चार दशक से विशाल मेला व भंडारा हर साल किया जाता है। उनके प्रयास से सिमौनीधाम की पहचान पर्यटन स्थल के रूप में हो रही है। तमाम विकास कार्य जारी हैं। उनके गुरु मौनी बाबा की समाधि आस्था का केंद्र है। यहां स्थित शंकर जी की 85 फिट ऊंची और हनुमान की 110 फिट लेटी प्रतिमा भी आकर्षण और आस्था का केंद्र है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed