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छूट का झूठ : हॉकर को झापड़, दूधिये का चालान
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लॉकडाउन उल्लंघन में राहगीर को खदेड़ते सिटी मजिस्ट्रेट।
- फोटो : BANDA
बांदा। लॉकडाउन के लिए सीएम और डीएम द्वारा जारी निर्देश/गाइडलाइन यहां सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। पुलिस कर्मियों को इसके बारे में बताया नहीं गया या फिर अति उत्साह में ड्यूटी कर रहे हैं। सुबह दूध विक्रेता और हॉकर को दूध और अखबार बांटने की शासन और डीएम से छूट है। इसके बाद भी पुलिस ने हॉकर को थप्पड़ जड़ दिया और दूधिये का चालान कर दिया।
लॉकडाउन को लेकर प्रदेश के गृह सचिव ने शुरू में ही दिशा-निर्देश जारी किए थे। डीएम ने भी इन निर्देशों को जारी किया था। 25 मार्च को डीएम अमित सिंह बंसल और पुलिस अधीक्षक डा.एसएस मीणा ने अपने संयुक्त हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कहा था कि किराना, दवा, दूध, ईंधन सहित मीडिया संस्थाएं और मीडियाकर्मी निषेधाज्ञा से मुक्त रहेंगे। माल ढोने वाले वाहनों को भी मुक्त रखा गया है।
शासन ने सुबह 6.30 से 9.30 बजे तक अखबार व दूध बांटने की छूट दी है, लेकिन इन पर अमल नहीं हो रहा। उल्लंघन में पुलिस कर्मी आगे हैं। हालांकि शनिवार को चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी दीपक कुमार ने भी पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन में लोगों के साथ दुर्व्यवहार न करें, लेकिन इन दिशा-निर्देशों और आदेशों पर अमल कितना हो रहा है इसकी कुछ बानगियां ही काफी हैं। प्रमुख अखबार के हॉकर को सुबह 7 बजे अखबार बांटते समय बलखंडी नाका चौकी प्रभारी ने थप्पड़ जड़ दिया।
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दोबारा न निकलने की चेतावनी दी। उधर, घर-घर दूध पहुंचा रहे दूधियों का देहात कोतवाली में चालान काट दिया। इससे दूधियों में नाराजगी है। ये आपूर्ति भी बंद कर सकते हैं। इसी तरह शासन ने लॉकडाउन के दौरान सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के कर्मियों को ड्यूटी पर आने-जाने की छूट दी है, लेकिन यहां छूट भी झूठ में शामिल हो गई है। नर्सिंगहोम के कर्मियों को लगातार रोका-टोका जा रहा है। इससे अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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लॉकडाउन को लेकर प्रदेश के गृह सचिव ने शुरू में ही दिशा-निर्देश जारी किए थे। डीएम ने भी इन निर्देशों को जारी किया था। 25 मार्च को डीएम अमित सिंह बंसल और पुलिस अधीक्षक डा.एसएस मीणा ने अपने संयुक्त हस्ताक्षरों से जारी आदेश में कहा था कि किराना, दवा, दूध, ईंधन सहित मीडिया संस्थाएं और मीडियाकर्मी निषेधाज्ञा से मुक्त रहेंगे। माल ढोने वाले वाहनों को भी मुक्त रखा गया है।
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शासन ने सुबह 6.30 से 9.30 बजे तक अखबार व दूध बांटने की छूट दी है, लेकिन इन पर अमल नहीं हो रहा। उल्लंघन में पुलिस कर्मी आगे हैं। हालांकि शनिवार को चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी दीपक कुमार ने भी पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन में लोगों के साथ दुर्व्यवहार न करें, लेकिन इन दिशा-निर्देशों और आदेशों पर अमल कितना हो रहा है इसकी कुछ बानगियां ही काफी हैं। प्रमुख अखबार के हॉकर को सुबह 7 बजे अखबार बांटते समय बलखंडी नाका चौकी प्रभारी ने थप्पड़ जड़ दिया।
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दोबारा न निकलने की चेतावनी दी। उधर, घर-घर दूध पहुंचा रहे दूधियों का देहात कोतवाली में चालान काट दिया। इससे दूधियों में नाराजगी है। ये आपूर्ति भी बंद कर सकते हैं। इसी तरह शासन ने लॉकडाउन के दौरान सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के कर्मियों को ड्यूटी पर आने-जाने की छूट दी है, लेकिन यहां छूट भी झूठ में शामिल हो गई है। नर्सिंगहोम के कर्मियों को लगातार रोका-टोका जा रहा है। इससे अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

बेटे को पुलिस से बचाती मां।- फोटो : BANDA