फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Error stipend of 700 students held

त्रुटि से 700 छात्रों का वजीफा अटका

Tue, 02 Aug 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा Updated Tue, 02 Aug 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
Error stipend of 700 students held
वजीफा न मिलने की शिकायत लेकर विकास भवन आए अतर्रा इंजीनियरिंग कालेज छात्र। - फोटो : अमर उजाला

बांदा। छात्रवृत्ति की आनॅलाइन व्यवस्था छात्रों के गले का फांस बन गई है। मामूली त्रुटि से उनके आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। पहले कृषि विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र छात्रवृत्ति न आने से मायूस हुए। अब राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के 700 से ज्यादा छात्र-छात्राओं का वजीफा अटक गया है। मंगलवार को विकास भवन आए छात्रों ने छात्रवृत्ति भेजने की मांग की। अतर्रा से निजी वाहन भाड़े पर आए करीब आधा सैकड़ा छात्रों का पारा चढ़ गया। समाज कल्याण विभाग में पटल प्रभारी द्वारा जानकारी देने के बजाए टरकाने से छात्रों ने नारे लगाना शुरू कर दिए। इंजीनियरिंग छात्र बुद्धरतन का कहना था कि 10 जुलाई तक छात्रवृत्ति आनी थी, लेकिन अभी तक खाते में नहीं पहुंची।

विज्ञापन


आनलाइन आवेदन करने के साथ छात्रों ने सीडी भी शासन को भेजी है। इसके बावजूद फार्मों में त्रुटि बताकर 700 से ज्यादा छात्रों के आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं। अभी तक सिर्फ कुछ ही एससी और एसटी छात्र-छात्राओं का वजीफा आया है। शुल्क प्रतिपूर्ति न मिलने से सामान्य व पिछड़ा वर्ग के अभिभावक पढ़ाई का बोझ नहीं उठा पा रहे हैं। संगम सरोज, राजीव कुमार, शिव प्रताप सिंह, सत्येंद्र द्विवेदी, अनिल यादव, विशाल, वीरेंद्र कुमार, हर्ष व राहुल आदि छात्रों ने भी यही दर्द बयां किया। उधर, समाज कल्याण अधिकारी मुकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि सत्यापन के बाद सूची शासन को भेजी जा चुकी है। अब शासन को ही बजट देना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed