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Banda News: इमरजेंसी के बेड पर खून से सनी चादर, बंद मिला कूलर
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बिना चादर के बेड पर लेटे मरीज।
- फोटो : संवाद
नरैनी। गुरुवार की रात साढ़े 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरैनी में अव्यवस्थाएं हावी नजर आईं। इमरजेंसी वार्ड के बेड पर चादर खून से सनी नजर आई। साथ ही वार्ड में लगा कूलर भी बंद मिला। इससे वहां मरीजों को परेशानी हो रही है।
अस्पताल के मुख्य गेट पर पर्याप्त रोशनी भी नहीं मिली। वहां सिर्फ एक स्ट्रीट लाइट ही जल रही थी। डॉ. डीपी प्रजापति, फार्मासिस्ट हरिओम सिंह और वार्ड बाॅय संतोष आकस्मिक वार्ड में मरीजों का उपचार करते नजर आए।
डायरिया से पीड़ित मरीज शिवपुर गांव निवासी संजय (16) को भर्ती कर उपचार किया गया। रात लगभग 11 बजे कस्बे के देविन नगर मोहल्ला निवासी डायरिया से पीड़ित महिला तिजनिया (50) अस्पताल आईं। डॉक्टर ने उनका उपचार करते हुए ड्रिप लगाई। इमरजेंसी वार्ड के अलावा किसी भी वार्ड के बेड पर चादर नहीं मिली। बिना चादर के ही मरीजों को बेड पर लिटाया गया। पड़ताल के दौरान प्रसव कक्ष में निगाह डाली गई तो वहां स्टाफ नर्स साक्षी पटैल तैनात मिलीं। रात के समय वहां एक ही नर्स की ड्यूटी लगाई जाती है। इनके अलावा महिला सफाई कर्मी ही तैनात रहती हैं।
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प्रसव कक्ष के बाहर मौजूद बहादुरपुर कालिंजर निवासी बलराम ने बताया कि उनकी बहू की डिलीवरी होनी है, शाम को छह बजे भर्त कराया था, लेकिन 11 बजे तक डिलीवरी नहीं हो सकी है। स्टाफ नर्स ने कहा कि सुबह तक डिलीवरी न होने पर रेफर कर दिया जाएगा। उधर, अस्पताल परिसर के अंदर कुत्ता सोता हुआ नजर आया, इस पर स्वास्थ्य कर्मियों की निगाह नहीं पड़ी। इसके अलावा अन्य अव्यवस्थाएं भी मिलीं।
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अस्पताल के मुख्य गेट पर पर्याप्त रोशनी भी नहीं मिली। वहां सिर्फ एक स्ट्रीट लाइट ही जल रही थी। डॉ. डीपी प्रजापति, फार्मासिस्ट हरिओम सिंह और वार्ड बाॅय संतोष आकस्मिक वार्ड में मरीजों का उपचार करते नजर आए।
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डायरिया से पीड़ित मरीज शिवपुर गांव निवासी संजय (16) को भर्ती कर उपचार किया गया। रात लगभग 11 बजे कस्बे के देविन नगर मोहल्ला निवासी डायरिया से पीड़ित महिला तिजनिया (50) अस्पताल आईं। डॉक्टर ने उनका उपचार करते हुए ड्रिप लगाई। इमरजेंसी वार्ड के अलावा किसी भी वार्ड के बेड पर चादर नहीं मिली। बिना चादर के ही मरीजों को बेड पर लिटाया गया। पड़ताल के दौरान प्रसव कक्ष में निगाह डाली गई तो वहां स्टाफ नर्स साक्षी पटैल तैनात मिलीं। रात के समय वहां एक ही नर्स की ड्यूटी लगाई जाती है। इनके अलावा महिला सफाई कर्मी ही तैनात रहती हैं।
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प्रसव कक्ष के बाहर मौजूद बहादुरपुर कालिंजर निवासी बलराम ने बताया कि उनकी बहू की डिलीवरी होनी है, शाम को छह बजे भर्त कराया था, लेकिन 11 बजे तक डिलीवरी नहीं हो सकी है। स्टाफ नर्स ने कहा कि सुबह तक डिलीवरी न होने पर रेफर कर दिया जाएगा। उधर, अस्पताल परिसर के अंदर कुत्ता सोता हुआ नजर आया, इस पर स्वास्थ्य कर्मियों की निगाह नहीं पड़ी। इसके अलावा अन्य अव्यवस्थाएं भी मिलीं।