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गांव की सरकार के लिए 56 फीसदी मतदान
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बांदा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चौथे और आखिरी चरण में बुंदेलखंड के बांदा जनपद में बृहस्पतिवार को मतदान छिटपुट हंगामे को छोड़कर खामोशी से निपट गया। सुबह 7 बजे से शाम छह बजे तक लगभग 56 फीसदी मतदान हुआ, जबकि छह बजे के बाद भी कई मतदान केंद्रों पर वोटरों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुईं थी। उधर, कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार के बावजूद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में गांव की सरकार बनाने के लिए मतदाताओं में जबरदस्त जोश दिखा।
बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे मतदान शुरू होते ही बूथों में मतदाताओं की कतारें लग गईं। धूप की तपिश और गर्म हवाओं के थपेड़े भी उनके जोश को डिगा नहीं सके। कई केंद्रों में मतदाताओं की भीड़ के चलते निर्धारित समय के बाद तक मतदान चलता रहा। इसी के साथ 11,535 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई। देर रात तक मतपेटियां जमा करने को पोलिंग पार्टियों में मारामारी की नौबत रही। जनपद में 469 ग्राम प्रधान, 750 क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी), 30 जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) और 6153 ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए 979 मतदान केंद्रों के 2047 बूथों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। सूर्य चढ़ने के साथ मतदाताओं का जोश भी परवान चढ़ता गया। बूथों पर महिला-पुरुष मतदाताओं की लंबी लाइनें लग गईं।
सुबह 9 बजे तक 10 फीसदी और 11 बजे तक 20 फीसदी मतदान हो गया। दोपहर एक बजे तक 35, तीन बजे तक 42.99 और शाम 5 बजे तक 51.6 प्रतिशत मतदान हुआ। उधर, दोपहर को मतदान की रफ्तार में कुछ कमी आई, लेकिन शाम होते ही फिर प्रत्याशियों के भाग्य विधाताओं की केंद्रों में भीड़ जुटने लगी। कोरोना संक्रमण की परवाह को दरकिनार कर मतदाता वोट की बारी के लिए लाइन में डटे रहे। थर्मल स्क्रीनिंग आदि की केंद्रों में कोई व्यवस्था नहीं रही। शाम तक 11,535 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला मतदाताओं ने मतपेटियों में कैद कर दिया। हालांकि, कई केंद्रों में देर रात तक मतदान होने से अधिकारी सटीक प्रतिशत नहीं बता सके। शुक्रवार को तड़के तक मतदान केंद्रों से पोलिंग पार्टियों की वापसी का सिलसिला चलता रहा। स्ट्रांग रूम में मतपेटियां जमा करने की होड़ रही।
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बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे मतदान शुरू होते ही बूथों में मतदाताओं की कतारें लग गईं। धूप की तपिश और गर्म हवाओं के थपेड़े भी उनके जोश को डिगा नहीं सके। कई केंद्रों में मतदाताओं की भीड़ के चलते निर्धारित समय के बाद तक मतदान चलता रहा। इसी के साथ 11,535 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई। देर रात तक मतपेटियां जमा करने को पोलिंग पार्टियों में मारामारी की नौबत रही। जनपद में 469 ग्राम प्रधान, 750 क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी), 30 जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) और 6153 ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए 979 मतदान केंद्रों के 2047 बूथों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। सूर्य चढ़ने के साथ मतदाताओं का जोश भी परवान चढ़ता गया। बूथों पर महिला-पुरुष मतदाताओं की लंबी लाइनें लग गईं।
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सुबह 9 बजे तक 10 फीसदी और 11 बजे तक 20 फीसदी मतदान हो गया। दोपहर एक बजे तक 35, तीन बजे तक 42.99 और शाम 5 बजे तक 51.6 प्रतिशत मतदान हुआ। उधर, दोपहर को मतदान की रफ्तार में कुछ कमी आई, लेकिन शाम होते ही फिर प्रत्याशियों के भाग्य विधाताओं की केंद्रों में भीड़ जुटने लगी। कोरोना संक्रमण की परवाह को दरकिनार कर मतदाता वोट की बारी के लिए लाइन में डटे रहे। थर्मल स्क्रीनिंग आदि की केंद्रों में कोई व्यवस्था नहीं रही। शाम तक 11,535 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला मतदाताओं ने मतपेटियों में कैद कर दिया। हालांकि, कई केंद्रों में देर रात तक मतदान होने से अधिकारी सटीक प्रतिशत नहीं बता सके। शुक्रवार को तड़के तक मतदान केंद्रों से पोलिंग पार्टियों की वापसी का सिलसिला चलता रहा। स्ट्रांग रूम में मतपेटियां जमा करने की होड़ रही।
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