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मतगणना में हंगामे की निंदा

Mon, 08 Feb 2021 10:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 10:54 PM IST
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election,voter,advocate,winner honored,members - फोटो : BANDA
बांदा। जिला अधिवक्ता संघ में चुनी गई नई टीम को एल्डर्स कमेटी ने सोमवार को संघ सभागार में निर्वाचित होने के प्रमाणपत्र जारी किए। साथ ही मतगणना के दौरान हुए हंगामे पर नाराजगी जताते हुए निंदा की। अधिवक्ताओं से कहा कि अपनी जिम्मेदारी और पद की गरिमा का ख्याल रखते हुए भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न होने दें। एल्डर्स कमेटी के कुछ सदस्यों ने इस्तीफे तक की पेशकश कर डाली।
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एल्डर्स कमेटी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष एजाज अहमद, महासचिव सत्यदेव त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मातादीन प्रजापति, सामान्य उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह बेंदा व संजय कुमार गुप्ता, कनिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह कछवाह, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता, संयुक्त सचिव (प्रशासन) नंद किशोर अवस्थी, संयुक्त सचिव (प्रकाशन) नवीन कुमार निगम और संयुक्त सचिव (पुस्तकालय) ब्रजलाल कुशवाहा को प्रमाणपत्र सौंपे। इनके अलावा कार्यकारिणी में वरिष्ठ सदस्य चुने गए किशोर सिंह चंदेल, कुलदीप नारायण श्रीवास्तव, पवन कुमार सिंह कुशवाहा, रामऔतार श्रीवास, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता और राजेंद्र सिंह तथा कार्यकारिणी के कनिष्ठ सदस्यों में निर्विरोध निर्वाचित हुए विपिन कुमार मिश्रा, धर्मेंद्र कुमार, संदीप वाजपेयी, छत्रपाल सिंह कश्यप, राकेश कुमार गुप्ता और मोहम्मद जाहिद अहमद को प्रमाणपत्र दिए।
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एल्डर्स कमेटी सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सिन्हा ने मतगणना के दौरान कक्ष में हंगामा करने वालों की कड़ी निंदा करते हुए खेद जताया और इस्तीफा देने की पेशकश की। अन्य अधिवक्ताओं ने उन्हें समझाकर इस्तीफा देने से रोका। नवनिर्वाचित अध्यक्ष और महासचिव ने सभी का आभार जताया। मौजूदा अध्यक्ष अवधेश कुमार गुप्ता (खादीवाला), महासचिव कैलाश सिंह गौतम सहित इल्डर्स कमेटी सदस्य रामदयाल, हरीभजन गुप्ता, लखन स्वरूप पांडेय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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बड़े भाई की हत्या में सात वर्ष की कैद
10 हजार रुपये जुर्माना या एक माह और जेल होगी---सब हेड
खेत में बैल घुसने को लेकर हुआ था विवाद
पत्नी को बचाने आए पति पर लाठी से हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। करीब नौ साल पहले लाठी से पीटकर सगे बड़े भाई को मौत के घाट उतार देने के जुर्म में दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश ने सात वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
एडीजीसी देवदत्त मिश्रा के मुताबिक, कालिंजर थाना क्षेत्र के तरहटी गांव में 7 नवंबर 2011 को कल्लो पत्नी रामसजीवन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका देवर उसके खेत में बैल छोड़कर फसल खिलवा रहा था। उसने बैल को बांध दिया तो देवर ने उसे लाठियों से पीटकर घायल कर दिया। इसी बीच उसका पति रामसजीवन सोनकर बचाने आए तो देवर ने उसके सिर पर लाठी मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया। वहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना में इसे धारा 304 में बदलकर आरोपपत्र दाखिल किया।
उधर, मृतक की पत्नी कल्लो और उसके पुत्र नत्थू व पुत्री सुमन के विरुद्ध मारपीट की धारा 323 दर्ज की गई। एडीजीसी देवदत्त मिश्रा और कल्लो के अधिवक्ता अजीज अहमद ने नौ गवाह पेश किए। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी रामफल को धारा 304 में सात वर्ष की कैद तथा 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की और सजा होगी। जमानत पर रिहा चल रहे दोषी को जेल भेज दिया गया। उधर, अदालत ने कल्लो व उसके पुत्र-पुत्री को धारा 323 में बरी कर दिया।

इंसेट---
छेड़छाड़ का आरोपी बरी
छेड़छाड़ में आरोप सिद्ध न होने पर आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया। पैलानी थाना क्षेत्र के गांव में ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पड़ोसी इंदल 2 जून 2017 को शाम तमंचा लेकर घर में घुस आया और उसकी गर्भवती पुत्रवधू को तमंचे की नोंक पर छत के ऊपर ले गया। इसी बीच शोर मचाने पर वह भाग निकला। अपना मोबाइल छोड़ गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र दाखिल किया। एडीजीसी ने 6 गवाह पेश किए। आरोपी के अधिवक्ता ब्रजराज सिंह परिहार ने झूठा फंसाने की दलीलें दीं। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय प्रथम) नूपुर ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को बरी कर दिया। एक अन्य मामले में शहर कोतवाली क्षेत्र के छोटी बाजार निवासी रेशू आरख को पुलिस ने 8 फरवरी 2014 को दो किलो गांजे के साथ पकड़ा था। आरोपी में विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) ऋषि कुमार के समक्ष अपराध स्वीकार करते हुए कम से कम सजा देने की फरियाद की। न्यायाधीश ऋषि कुमार ने जेल में बिताई गई अवधि (9 माह 10 दिन) की कैद और 5000 रुपये जुर्माना किया।
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