{"_id":"9bcbd65f7e8d10dcaf3e8af9becd8935","slug":"earthquake-due-to-the-mining-mountains-river-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ों, नदी में खनन के कारण आया भूकंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहाड़ों, नदी में खनन के कारण आया भूकंप
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 25 Apr 2015 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुंदेलखंड को भूकंप से न्यूनतम क्षति संभावित क्षेत्र में रखा गया है। यहां भूकंप के आसार काफी कम माने जाते हैं। लेकिन इसके बाद भी पिछले दो दशकों में कई बार आए भूकंप के झटकों ने बुंदेलखंड को भी हिला दिया। शनिवार (25 अप्रैल) के झटके ज्यादा गंभीर महसूस किए गए। विशेषज्ञ इसके पीछे बुंदेलखंड में पहाड़ों और नदियों में हो रहे अंधाधुंध खनन को दोषी मानते हैं।
विज्ञापन
बुंदेलखंड के सातों जनपदों समेत पड़ोसी जनपद फतेहपुर, इलाहाबाद, कौशांबी आदि को भूकंप जोन में न्यूनतम क्षति का संभावित क्षेत्र बताया गया है। देश प्रदेश में कई बार झटके आए पर बुंदेलखंड की धरती टस से मस नहीं हुई। लेकिन अब कुछ अरसे से बुंदेलखंड की धरती भी डोलने लगी है।
विज्ञापन
ताजा भूकंप का झटका खतरे की घंटी है। पंडित जवाहरलाल नेहरू पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कालेज के जाग्रफी (भूगोल) प्रवक्ता प्रो.अवधेश कुमार बताते हैं कि बुंदेलखंड भूकंप सुरक्षित क्षेत्र में है। लेकिन इसके बाद भी यह झटके चिंता का विषय है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में हो रहे जबर्दस्त पहाड़ों और नदियों के खनन से भी भूकंप का खतरा बढ़ रहा है। पहाड़ और चट्टानें धरती का संतुलन बनाती हैं। पहाड़ों की चट्टानों को खत्म किया जा रहा है। बुंदेलखंड में कई पहाड़ नामोनिशान मिटा चुके हैं।
कुछ स्थानों पर तो पहाड़ की ऊंचाई के बराबर पहाड़ के नीचे तक खनन किया गया है। पाताली पानी निकल आया है। इससे भी धरती का संतुलन डगमगा रहा है। प्रवास सोसाइटी के आशीष सागर का कहना है कि बुंदेलखंड की प्लाईट (भूगर्भीय भूमि) ग्रेनाइट की है। इसलिए यह सुरक्षित जोन है। लेकिन अंधाधुंध हो रहे खनन से बुंदेलखंड का भविष्य भूकंप और जल त्रासदी में बदल सकता है।