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मरम्मत के नाम पर दिन भर बिजली गुल
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
Updated Thu, 27 Aug 2015 12:14 AM IST
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33 केवी लाइनों पर लगे मेन बस बदलने के काम से शहर समेत कई क्षेत्रों की बिजली बुधवार को गुल रही। बेतहाशा गर्मी और उमस के बीच बिजली न आने से उपभोक्ता बेचैन रहे। 24 घंटे सप्लाई वाले न्यायालय और जल संस्थान फीडर से भी सप्लाई नहीं हुई।
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चिल्ला रोड स्थित 132 सबस्टेशन में 33 केवी लाइनों के बस बार स्पार्किंग की वजह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। बुधवार को सुबह 10.30 बजे इनके बदलने का काम शुरू हुआ तो शहर समेत कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति रोक दी गई। इनमें बबेरू, पलरा, भूरागढ़ व पीली कोठी सब स्टेशन शामिल हैं।
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24 घंटे वाले न्यायालय व जल संस्थान के फीडर भी बंद रहे। शाम तक मरम्मत का काम चलता रहा। हालांकि दोपहर बाद वैकल्पिक व्यवस्था करके शहर की बिजली शुरू की गई, लेकिन कुछ ही देर में फिर गुल हो गई। कई घंटे बिजली बंद रहने से लोग उमस और गर्मी में बिलबिला उठे।
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अवर अभियंता (ट्रांसमिशन) अफराज सिद्दीकी ने बताया कि 33 केवी के मेन बस में स्पार्किंग की वजह से खराब हो गए थे। जुगाड़ से किसी तरह आपूर्ति की जा रही थी। समय रहते मेंटीनेंस नहीं किया जाता तो ज्यादा नुकसान होता। बबेरू, पलरा व भूरागढ़ सब स्टेशन पूरी तरह बंद है। पीली कोठी उपकेंद्र की आपूर्ति शुरू हो गई। रात तक सभी क्षेत्रों की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
मंडल में तीन नए बिजली सब स्टेशन शुरू
चित्रकूटधाम मंडल के तीन जनपदों में सात करोड़ की लागत से तैयार 33/11 केवीए क्षमता के नए बिजली सबस्टेशन शुरू हो गए। इनके संचालन से शहर और गांवों की लगभग 50 हजार आबादी को लो-वोल्टेज व अघोषित कटौती से निजात मिलेगी। औगासी (बबेरू) में नए सब स्टेशन का शिलान्यास हो गया है।
बीते दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा प्रदेश में 600 नए बिजली सबस्टेशनों का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया। इनमें चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में तीन नए सबस्टेशनों का लोकार्पण और एक बिजली घर का शिलान्यास हुआ।
हालांकि सबसे ज्यादा लगभग 17 लाख आबादी वाले बांदा जनपद कोई खास सौगात नहीं मिली, लेकिन हमीरपुर, महोबा व चित्रकूट में 33/11 केवीए क्षमता के नए सबस्टेशन शुरू हो गए हैं।
पावर कारपोरेशन, चित्रकूटधाम मंडल मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने बताया कि 7 करोड़ रुपये की लागत से हमीरपुर में द्वितीय, गौरिहारी (महोबा) और गंगाजी रोड, चित्रकूट में सबस्टेशन के चालू होने से 50 हजार की आबादी लाभान्वित होगी।
उधर, औगासी में समगरा पंप कैनाल के पास 33/11 केवीए क्षमता वाले बिजली सब स्टेशन का शिलान्यास हुआ। यह वर्ष 2016 में बनकर तैयार होगा। इसके चालू होने पर लगभग 15 हजार की आबादी को फायदा मिलेगा।
गांवों में पांच घंटे मिल रही बिजली
बिजली कटौती का मौजूदा शेड्यूल 4 घंटे का है। सुबह 2 से 4 और रात 9 से 11 बजे कटौती निर्धारित है। 20 घंटे बिजली आपूर्ति होनी चाहिए, लेकिन यह शेड्यूल सिर्फ कागजों में है, असलियत कुछ और है। सबसे खराब हालत गांवों की है।
गांव में बिजली कटौती 9 घंटे और आपूर्ति 15 घंटे निर्धारित है। कई ग्रामीण इलाकों में महज पांच घंटे बिजली मिल पा रही है। 132 सबस्टेशन एसडीओ रवि कुमार का कहना था कि इमर्जेंसी रोस्टिंग पनकी कंट्रोल से सूचना आने पर होती है।
फिलहाल कटौती नहीं हो रही। स्थानीय फाल्टों के चलते आपूर्ति प्रभावित होती है। उधर, जिला उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मनोज जैन ने बताया कि अघोषित बिजली कटौती से व्यापार चौपट है।
मोहम्मद इदरीस (केवटरा) ने बताया कि बिजली कटौती से बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही। हिंदुस्तान किसान यूनियन राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी ने गांवों में बिजली संकट पर नाराजगी जताई।