{"_id":"5eea56b28ebc3e43230f85d0","slug":"drinking-water-crisis-deepens-as-heat-rises-villagers-demonstrate-in-banda-banda-news-knp56607129","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदाः गर्मी बढ़ते ही गहराया पेयजल संकट, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदाः गर्मी बढ़ते ही गहराया पेयजल संकट, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
अतर्रा क्षेत्र के शब्दा पुरवा में हैंडपंप में लगी भीड़।
- फोटो : BANDA
अतर्रा/तिंदवारी। अतर्रा और तिंदवारी के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। बुधवार को अतर्रा ग्रामीण के शब्दापुरवा में ग्रामीणों ने हैंडपंप के पास प्रदर्शन किया और खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक कराने की मांग की। राजेंद्र कुमार पप्पू, राजकरण वर्मा, विकास प्रजापति, सिद्धू प्रजापति, हिम्मत वर्मा, नीरज प्रजापति, बबलू प्रजापति, उठाई लाल प्रजापति, नत्थू प्रजापति, नरेश प्रजापति, राजू प्रजापति, राजेंद्र भी शामिल रहे।
उधर, तिंदवारी क्षेत्र के 16 गांवों में 40 वर्ष पुरानी पाइप लाइन जगह-ज़गह से क्षतिग्रस्त हो गई है। लीकेज से हजारों लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद होता है। लीकेज से घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। जल संस्थान उपभोक्ताओं से बिल पूरा वसूल रहा है। कबीर नगर, हनुमान नगर, श्रीनगर, समेत पिपरगवां, गरौती, भुजौली, गोधनी, मुंगुस, छापर, भिड़ौरा, मिरगहनी, माटा, धौंसड़ आदि गांव पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
कांग्रेस नेता डॉ. राजेंद्र तिवारी ने बताया कि 1980 में तिंदवारी को नगर पंचायत घोषित किए जाने के बाद यह पाइप लाइन डाली गई थी। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण में यह कई जगह टूट गई है। जल संस्थान नेशनल हाईवे अथॉरिटी से मुआवजा ले चुकी है लेकिन पाइप नहीं बदला गया। उधर, इस बारे में जल संस्थान अधिशासी अभियंता वीरेंद्र श्रीवास्तव ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि पाइप लाइन बदलने के काम जल निगम का है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर, तिंदवारी क्षेत्र के 16 गांवों में 40 वर्ष पुरानी पाइप लाइन जगह-ज़गह से क्षतिग्रस्त हो गई है। लीकेज से हजारों लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद होता है। लीकेज से घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। जल संस्थान उपभोक्ताओं से बिल पूरा वसूल रहा है। कबीर नगर, हनुमान नगर, श्रीनगर, समेत पिपरगवां, गरौती, भुजौली, गोधनी, मुंगुस, छापर, भिड़ौरा, मिरगहनी, माटा, धौंसड़ आदि गांव पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता डॉ. राजेंद्र तिवारी ने बताया कि 1980 में तिंदवारी को नगर पंचायत घोषित किए जाने के बाद यह पाइप लाइन डाली गई थी। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण में यह कई जगह टूट गई है। जल संस्थान नेशनल हाईवे अथॉरिटी से मुआवजा ले चुकी है लेकिन पाइप नहीं बदला गया। उधर, इस बारे में जल संस्थान अधिशासी अभियंता वीरेंद्र श्रीवास्तव ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि पाइप लाइन बदलने के काम जल निगम का है।
विज्ञापन