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खूब बहा पैसा, नहीं बुझी प्यास
ब्यूरो, अमर उजाला बांदा
Updated Wed, 03 Dec 2014 11:23 PM IST
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मंडल मुख्यालय कहे जाने वाले बांदा शहर में भी सिर्फ एक वक्त बमुश्किल एक घंटे पेयजल आपूर्ति होती है। जल संस्थान के आंकड़ों में दशक भर पूर्व प्रति व्यक्ति हर रोज पानी की आवश्यकता का मानक 200 लीटर था। जरूरतें बढ़ गईं लेकिन जल संस्थान ने मानक घटाकर 140 लीटर कर दिया। इसमें भी महज 60 लीटर पानी ही मिल पा रहा है। जल संस्थान का दावा है कि चित्रकूटधाम मंडल के नगरीय क्षेत्रों में 7.79 लाख आबादी को 133 नलकूपों से आपूर्ति की जा रही है। 41 ओवर हेड टैंक हैं। हर रोज नगरों में 93.32 एमएलडी पानी की जरूरत है। इसके सापेक्ष नदी, कुओं और बांधों से मात्र 80.54 एमएलडी पानी मिल पा रहा है। पूर्व में हजार लीटर तक पानी देने वाले ट्यूबवेल अब बमुश्किल 200 से 250 लीटर प्रति मिनट पानी दे रहे हैं। जल निगम के दावों के मुताबिक 6996 हैंडपंप हैं। 535 रिबोर के इंतजार में ठप हैं।
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