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बाएफ गोष्ठी में महिला सशक्तिकरण पर चर्चा

Fri, 20 Dec 2019 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 20 Dec 2019 11:42 PM IST
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Discussion on women empowerment in BAF seminar
बांदा। कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण महिलाओं को तीन चरणों में 50-50 ब्रायलर के चूजे दिए जाएंगे। इन्हें 45 दिन पालकर बेचा जा सकेगा। तीन चरणों के चूजे मुफ्त मिलेगे। यह जानकारी डीएम हीरालाल ने यहां आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बुंदेलखंड महिला समृद्धिकरण ब्रायलर पालन योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए दी।
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निजामी पैलेस में आयोजित कार्यशाला में डीएम ने कहा कि कुक्कुट पालन से स्वरोजगार उपलब्ध होगा। महिलाएं इसका पूरा लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकती हैं। डीएम ने बताया कि एक दिन के चूजे दिए जाएंगे। इन्हें 45 दिन तक पालने के बाद बेचा जा सकेगा। चूजों की ब्रिकी के बाद 15 दिन का समय मिलेगा ताकि कुक्कुट बाड़े की सफाई और नए चूजों के लिए बाड़ा तैयार किया जा सके।
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इस तरह दो माह में एक चक्र पूरा होगा। डीएम ने बताया कि वर्ष में कुल 6 चक्र कुक्कुट पालन के होंगे। इसमें तीन चक्र के चूजे इस योजना में मुफ्त उपलब्ध कराएं जाएंगे। पहला, तीसरा और पांचवां चक्र विभाग द्वारा वित्त पोषित (फाइनेंस) किया जाएगा। दूसरा, चौथा और छठा चक्र लाभार्थी को खुद के पैसे से चलाना होगा।
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डीएम ने कहा कि चूजा पालन से ग्रामीण महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकेंगी। यह भी बताया कि नीम की निमोरी जिला प्रशासन खरीदेगा। इसे इफ्को खाद, औषधि और रासायनिक कीटनाशक दवाएं बनाने के काम में लाया जाएगा। इससे भी महिलाएं अपनी आय बढ़ा सकेंगी। एक अन्य आमदनी का जरिया गाय की डेरी है। महिलाओं को इससे जोड़ा जाएगा। सिर्फ दूध ही नहीं बल्कि गाय के गोबर और गोमूत्र से फिनायल, गोबर गैस, विद्युत, गमला, मूर्तियां आदि बनाकर इसे बाजार में बेंचा जा सकेगा। डीएम ने कहा कि चयनित महिलाओं को ट्रेनिंग कराकर बेहतर ढंग से दुकान चलाने के उपाय बताए जाएंगे। डीएम ने महिलाओं से योग करने को भी प्रेरित किया।

सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा ने कहा कि ब्रायलर पालन योजना में पोल्ट्रीशेड कुक्कुट पालन के लिए 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें 10 फीट लंबा और 5 फीट चौड़ा कुक्कुट बाडे़ का निर्माण कराया जाएगा। यह धनराशि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त 6 हजार रुपये की होगी। पैसा लाभार्र्थी के खाते में आरटीजीएस से भेजा जाएगा। एनआरएलएम के उपायुक्त केके पांडेय ने कार्यशाला का संचालन किया और डीएम का आभार जताया।
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