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बांदा: भाजपा छोड़ सपा में आए पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति के मकान पर बीडीए का चल सकता है हथौड़ा, कारण बताओ नोटिस जारी

Thu, 31 Mar 2022 09:08 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा 
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा  Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 31 Mar 2022 09:08 PM IST
सार

बांदा विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति के एक दशक पुराने मकान को अवैध बताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 7 अप्रैल को प्राधिकरण में उन्हें तलब किया गया है।

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Development Authority issued notice against former MLA Brijesh Prajapati House
इसी मकान को अवैध बताते हुए बीडीए ने जारी किया नोटिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा से सपा में आए पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति के एक दशक से भी ज्यादा पुराने भवन को बांदा विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने अवैध निर्माण बताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 7 अप्रैल को पूर्व विधायक को प्राधिकरण में अपनी सफाई देने के लिए तलब किया है।

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विधानसभा चुनाव वर्ष 2017 में तिंदवारी क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए बृजेश प्रजापति का शहर के बिजली खेड़ा (जेएन डिग्री कालेज रोड) में पक्का मकान है। विधायक रहने के दौरान बृजेश इसी मकान में रहे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में तिंदवारी क्षेत्र से सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के दौरान इसी भवन में उनका चुनाव कार्यालय भी रहा।
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अब बीडीए सचिव ने प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें कहा है कि प्राधिकरण से बिना मानचित्र स्वीकृति/बिना अनुमति के उन्होंने लगभग 190 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फ्रंट सेट बैक व साइड सेट बैक को शामिल करते हुए बेसमेंट, भूतल, प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल पर भवन तथा चौथी मंजिल में ममटी का निर्माण कराया है।

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बीडीए ने नोटिस में यह कहा

प्राधिकरण सचिव ने नोटिस में कहा है कि प्रजापति 7 अप्रैल को खुद प्राधिकरण में उपस्थित हों और स्पष्टीकरण दें। क्यों न उनका अवैध निर्माण गिरा देने का आदेश दिया जाए? नोटिस में उत्तर प्रदेश अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 1973 का हवाला देकर यह भी कहा गया है कि 50 हजार रुपये तक जुर्माना और प्रथम दोष सिद्ध होने पर 2500 रुपये रोज की दर से जुर्माना हो सकता है।


गौरतलब है कि बृजेश प्रजापति पांच वर्ष तक भाजपा के विधायक रहे। वह स्वामी प्रसाद मौर्य खेमे के हैं। मौर्य के सपा में शामिल होने पर वह भी सपा में शामिल हो गए। उन्हें तिंदवारी सीट से ही सपा का टिकट भी मिल गया। भाजपा प्रत्याशी रामकेश निषाद यहां से विजयी हुए। चर्चा है कि प्राधिकरण का नोटिस भाजपा से बगावत के कारण जारी हुआ है।

Development Authority issued notice against former MLA Brijesh Prajapati House
पूर्व विधायक बृजेश प्रजापति - फोटो : अमर उजाला

बृजेश प्रजापति बोले- दबाव में नहीं आउंगा, मकान वैध है

बृजेश प्रजापति ने कहा कि उनका मकान वर्ष 2009 से बना है। वह पूरा हाउस टैक्स जमा करते हैं। बिजली का कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि अब 13 वर्षों बाद इस मकान को अवैध निर्माण बताया जाना हर बुद्धिजीवी और आम आदमी खूब समझ रहा है कि इसके पीछे क्या वजह है। उन्होंने भाजपा छोड़ी तो उसी का बदला लिया जा रहा है। वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएंगे। उनका मकान वैध है।

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