फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Deer injured by dog attack, tied its legs and locked in cow shed, died of heart attack

Banda News: कुत्तों के हमले से घायल हिरण के पैर बांधकर गोशाला में किया बंद, हार्ट अटैक से मौत

Sun, 10 Sep 2023 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Sep 2023 11:52 PM IST
विज्ञापन
Deer injured by dog attack, tied its legs and locked in cow shed, died of heart attack
तिंदवारी। कुत्तों के हमले से घायल काले हिरण का पैर बांधकर गोशाला में बंद कर दिया। सुबह जब देखा तो वह मृत मिला। पोस्टमार्टम में उसकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई।
विज्ञापन

तिंदवारी थाना क्षेत्र के परसौड़ा गांव में शुक्रवार की शाम करीब सात बजे एक हिरण पर सात कुत्तों का समूह टूट पड़ा। ग्रामीणों ने देखा तो उसे बचाया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गुमान सिंह ने वन दरोगा रामराज को इसकी सूचना दी। करीब एक घंटे बाद पहुंचे वन कर्मी गोरेलाल ने रात और बारिश होने का हवाला देकर हिरन को गांव की अस्थायी गोशाला में बंदकर दिया। सुबह जब गोशाला कर्मी ने देखा तो काले हिरण की मौत हो चुकी थी। उसके चारों पैर रस्सी से बंधे थे।
विज्ञापन

वन कर्मी गोरेलाल ने हिरण के शव को ई-रिक्शे से पशु चिकित्सालय पहुंचाया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नंदलाल कुशवाहा ने पोस्टमार्टम किया। उन्होेंने बताया कि हिरण की मौत हार्ट अटैक से हुई है। उसके शरीर पर कुत्ते के काटे के दो घाव थे, लेकिन वह मामूली थे। समय पर इलाज नहीं मिलने और डर की वजह से मौत हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वन दरोगा रामराज का कहना है कि रात और बारिश की वजह से सूचना के तुरंत बाद नहीं पहुंच सके। गोशाला में ही उसे संरक्षित कर दिया था। रस्सी से बांधे जाने की जानकारी नहीं है।


मामले की होगी जांच
डीएफओ संजय अग्रवाल का कहना है कि हिरण को समय पर इलाज के लिए ले जाना चाहिए था। उसे रस्सी से बांधना गलत है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई होगी।
इनसेट
दुर्लभ प्रजाति का है हिरण
डीएफओ संजय सिंह ने बताया कि यह ब्लैक बक या काला हिरण बहुसिंगा प्रजाति का हिरण है। भारतीय उप महाद्वीप में पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजाति का हिरण है। राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में पाए जाते हैं। पहले इनकी संख्या करीब 80 हजार थी, अब 25 हजार है। यहां पचनेही, महुई, गोखरही, परसौड़ा, मिरगहनी, गजनी, भिडौरा, बिछवाही गांवों के खेतों में अक्सर घूमते रहते हैं।


इनसेट...
पहले भी हो चुकी है लापरवाही
इसी वर्ष 21 मार्च को बांदा-टांडा नेशनल हाईवे किनारे छापर के पास एक काला हिरण घायल मिला था। सूचना के बाद भी वन कर्मी नहीं पहुंचे। सुबह जब पहुंचे तो उसकी मौत हो गई थी। वर्ष 2020 में घायल एक काले हिरण को वन कर्मी ने रात में भिडौरा गांव के घर में संरक्षित कर दिया था। बाद में सुबह उसे साइकिल के कॅरियर में बांध कर अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed