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डीआईजी जेल ने देखी सुरक्षा व्यवस्था
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बांदा। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की जान का खतरा जताने पर डीआईजी (जेल) संजीव त्रिपाठी ने कारागार का निरीक्षण कर सुरक्षा का जायजा लिया।
बताया कि परिजनों का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे लगाने से मुख्तार को परेशानी हो रही है। मुख्तार की पत्नी अफशां व पुत्र उमर ने एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी देकर आरोप लगाया था कि जेल प्रशासन द्वारा मुख्तार को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
सुरक्षा का हवाला देकर उनकी बैरक और बाथरूम में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे निजता का हनन हो रहा है। आरोपों पर डीआईजी जेल ने निरीक्षण किया। जेल गेट से लेकर अंदर तक की व्यवस्था को परखा। रजिस्टर आदि भी देखे। डीआईजी ने पत्नी और बेटे के आरोपों को नकार दिया।
उनका कहना है कि जान का खतरा होने की बात कहने पर सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक डीआईजी जेल ने बैरक में जाकर मुख्तार से समस्या पूछी, लेकिन मुख्तार कुछ ज्यादा नहीं बोले। निरीक्षण के दौरान अरुण कुमार सिंह, जेलर पीके त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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बताया कि परिजनों का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे लगाने से मुख्तार को परेशानी हो रही है। मुख्तार की पत्नी अफशां व पुत्र उमर ने एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी देकर आरोप लगाया था कि जेल प्रशासन द्वारा मुख्तार को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
सुरक्षा का हवाला देकर उनकी बैरक और बाथरूम में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे निजता का हनन हो रहा है। आरोपों पर डीआईजी जेल ने निरीक्षण किया। जेल गेट से लेकर अंदर तक की व्यवस्था को परखा। रजिस्टर आदि भी देखे। डीआईजी ने पत्नी और बेटे के आरोपों को नकार दिया।
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उनका कहना है कि जान का खतरा होने की बात कहने पर सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक डीआईजी जेल ने बैरक में जाकर मुख्तार से समस्या पूछी, लेकिन मुख्तार कुछ ज्यादा नहीं बोले। निरीक्षण के दौरान अरुण कुमार सिंह, जेलर पीके त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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