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कर्ज और मर्ज से किसान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला,ब्यूरो
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:34 PM IST
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नरैनी। बीमारी और कर्ज की चिंता में किसान की मौत हो
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गई। उस पर ट्रैक्टर खरीदने में प्राइवेट फाइनेंसर का लगभग चार लाख रुपये
कर्ज था। इलाज में भी कई लोगों से एक लाख रुपये से अधिक कर्ज ले रखा था।
तहसील क्षेत्र के नौगवां के मजरा कुम्हारन पुरवा निवासी जुगुवा (55) के नाम 15 बीघा जमीन है। चार साल पहले उसने प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। ब्याज समेत अभी चार लाख रुपये कर्ज चुकाना था।
उधर, छह माह पहले वह बीमार हो गया। तीन साल से दैवी आपदा के चलते खेती में पैदावार न होने से उसे इलाज के लिए रिश्तेदारों और गांव वालों से एक लाख रुपये से अधिक कर्ज लेना पड़ा।
बुधवार को सुबह घर में उसने दम तोड़ दिया। मृतक के तीन पुत्र हैं। एसडीएम महेंद्र सिंह ने बताया कि लेखपाल को किसान के घर भेजकर जानकारी ली जा रही है। नियम के मुताबिक मदद दिलाई जाएगी।
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आर्थिक तंगी में मजदूर ने दम तोड़ा
अतर्रा। आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूर की हार्टअटैक से मौत हो गई। मूसानगर (वार्ड-4) निवासी गौरीशंकर कोटार्य (40) पुत्र भगवानदीन मजदूरी कर परिवार पालता था। बुधवार को सुबह उसके सीने में दर्द हुआ और कुछ ही देर में दम तोड़ दिया।
पुत्र अवधेश ने बताया कि पिता को कई-कई दिन काम नहीं मिलता था। इससे परिवार पालना मुश्किल हो रहा था। कोटेदार ने कई महीने से राशन कार्ड पर गल्ला नहीं दिया।
एसडीएम विनय पाठक ने बताया कि मृत्यु के कारण की जांच के बाद यथासंभव सहायता दिलाई जाएगी। कोटेदार की जांच कर कार्रवाई करेंगे।
तहसील क्षेत्र के नौगवां के मजरा कुम्हारन पुरवा निवासी जुगुवा (55) के नाम 15 बीघा जमीन है। चार साल पहले उसने प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। ब्याज समेत अभी चार लाख रुपये कर्ज चुकाना था।
उधर, छह माह पहले वह बीमार हो गया। तीन साल से दैवी आपदा के चलते खेती में पैदावार न होने से उसे इलाज के लिए रिश्तेदारों और गांव वालों से एक लाख रुपये से अधिक कर्ज लेना पड़ा।
बुधवार को सुबह घर में उसने दम तोड़ दिया। मृतक के तीन पुत्र हैं। एसडीएम महेंद्र सिंह ने बताया कि लेखपाल को किसान के घर भेजकर जानकारी ली जा रही है। नियम के मुताबिक मदद दिलाई जाएगी।
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आर्थिक तंगी में मजदूर ने दम तोड़ा
अतर्रा। आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूर की हार्टअटैक से मौत हो गई। मूसानगर (वार्ड-4) निवासी गौरीशंकर कोटार्य (40) पुत्र भगवानदीन मजदूरी कर परिवार पालता था। बुधवार को सुबह उसके सीने में दर्द हुआ और कुछ ही देर में दम तोड़ दिया।
पुत्र अवधेश ने बताया कि पिता को कई-कई दिन काम नहीं मिलता था। इससे परिवार पालना मुश्किल हो रहा था। कोटेदार ने कई महीने से राशन कार्ड पर गल्ला नहीं दिया।
एसडीएम विनय पाठक ने बताया कि मृत्यु के कारण की जांच के बाद यथासंभव सहायता दिलाई जाएगी। कोटेदार की जांच कर कार्रवाई करेंगे।