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चेक बाउंस होने पर दो साल कैद, 12 लाख जुर्माना
बांदा
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:47 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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चेक बाउंस होने पर आरोपी की दो वर्ष की कैद और 12 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। पूरा पैसा तीन माह में अदा न करने पर तीन माह की कैद और होगी।
सरोजनी नगर, लखनऊ रोड निवासी मौजूदा में यहां स्वराज कालोनी में रह रहे इंद्रपाल सिंह पुत्र रामसनेही ने लखनऊ के बालकृष्ण मिश्र पुत्र रमाशंकर मिश्र के विरुद्ध सात सितंबर 2016 को चेक बाउंस का मामला दायर किया था। कहा था कि उसकी लखनऊ के बिजनौर तहसील में स्थित जमीन के कुछ हिस्से का सौदा बालकृष्ण से 20 लाख रुपये मेें तय हुआ था। 10 लाख रुपये नगद और 28 जुलाई 2016 को 10 लाख का चेक बालकृष्ण ने दिया।
बैंक में चेक जमा करने पर बैंक ने यह कहकर वापस लौटा दिया कि खाता धारक के खाते में पैसा नहीं है। बालकृष्ण ने 15 दिन बाद खाते में पैसा जमा करने की बात कही। इस पर उसने इस अवधि के बाद दोबारा चेक डाला तो बैंक में फिर पैसा न होने पर वापस कर दिया। इस पर इंद्रपाल सिंह ने अपने अधिवक्ता इंद्रकरन सिंह के जरिये नोटिस के बाद अदालत मेें एनआई एक्ट के तहत केस दायर कर दिया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी की अदालत मेें इंद्रपाल पक्ष की ओर से दो गवाह पेश हुए।
बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें दीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त बालकृष्ण को दो वर्ष की कठोर कैद और 12 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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सरोजनी नगर, लखनऊ रोड निवासी मौजूदा में यहां स्वराज कालोनी में रह रहे इंद्रपाल सिंह पुत्र रामसनेही ने लखनऊ के बालकृष्ण मिश्र पुत्र रमाशंकर मिश्र के विरुद्ध सात सितंबर 2016 को चेक बाउंस का मामला दायर किया था। कहा था कि उसकी लखनऊ के बिजनौर तहसील में स्थित जमीन के कुछ हिस्से का सौदा बालकृष्ण से 20 लाख रुपये मेें तय हुआ था। 10 लाख रुपये नगद और 28 जुलाई 2016 को 10 लाख का चेक बालकृष्ण ने दिया।
बैंक में चेक जमा करने पर बैंक ने यह कहकर वापस लौटा दिया कि खाता धारक के खाते में पैसा नहीं है। बालकृष्ण ने 15 दिन बाद खाते में पैसा जमा करने की बात कही। इस पर उसने इस अवधि के बाद दोबारा चेक डाला तो बैंक में फिर पैसा न होने पर वापस कर दिया। इस पर इंद्रपाल सिंह ने अपने अधिवक्ता इंद्रकरन सिंह के जरिये नोटिस के बाद अदालत मेें एनआई एक्ट के तहत केस दायर कर दिया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी की अदालत मेें इंद्रपाल पक्ष की ओर से दो गवाह पेश हुए।
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बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें दीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त बालकृष्ण को दो वर्ष की कठोर कैद और 12 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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