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आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 31 Jan 2016 11:56 PM IST
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खेती कर परिवार पाल रहे युवा किसान ने फसल न होने और आर्थिक तंगहाली से
परेशान होकर घर की अटारी में फांसी लगा ली।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। राजस्व अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को फौरीतौर पर एक क्विंटल राशन देने के निर्देश दिए हैं।
सदर तहसील और चिल्ला थाना क्षेत्र के दतरौली गांव में रविवार को सुबह 37 वर्षीय रामसिंह पुत्र दशरथ अपने खेत गया था। वापस लौटते ही वह घर वालों की नजर बचाकर सीढ़ी लगाकर अटारी पर चढ़ गया।
वहां धन्नी में रस्सी बांधकर गले में फंदा कस लिया और फांसी पर झूल गया। उसके भतीजे ने उसके मोबाइल पर कॉल की तो अटारी से घंटी की आवाज आई। पत्नी सुमनलता अटारी पर चढ़ गई।
वहां रामसिंह को फांसी पर लटका देखा तो शोर मचाया। परिजन और पड़ोसी आ गए और उसे आनन-फानन फंदे से उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
खबर मिलने पर चिल्ला थाने से पुलिस आई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घर वालों ने बताया कि मृतक की मां को दिल की गंभीर बीमारी है।
इलाज के लिए 50 हजार रुपये की जरूरत है। रामसिंह को इसकी भी चिंता थी। मृतक अपने पीछे दो पुत्र और चार पुत्रियां छोड़ गया है। सभी नाबालिग हैं। एक बच्चा मात्र डेढ़ माह का है।
तहसीलदार सुनील पटेल भी मृतक के घर पहुंच गए। उनके साथ कानूनगो अवधेश पटेल, लेखपाल राकेश कुमार भी थे। तहसीलदार में मृतक के घर के हालात देखकर स्वीकारा कि आर्थिक स्थिति काफी खराब है।
तहसीलदार ने कोटेदार को निर्देश दिया कि मृतक के आश्रितों को एक क्विंटल मुफ्त राशन दे। साथ ही भरोसा दिलाया कि शासन से हर संभव मदद दिलाई जाएगी। बेंदा गांव प्रधान पति विवेक सिंह ने भी मृतक आश्रितों से मिलकर सांत्वना दी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। राजस्व अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को फौरीतौर पर एक क्विंटल राशन देने के निर्देश दिए हैं।
सदर तहसील और चिल्ला थाना क्षेत्र के दतरौली गांव में रविवार को सुबह 37 वर्षीय रामसिंह पुत्र दशरथ अपने खेत गया था। वापस लौटते ही वह घर वालों की नजर बचाकर सीढ़ी लगाकर अटारी पर चढ़ गया।
वहां धन्नी में रस्सी बांधकर गले में फंदा कस लिया और फांसी पर झूल गया। उसके भतीजे ने उसके मोबाइल पर कॉल की तो अटारी से घंटी की आवाज आई। पत्नी सुमनलता अटारी पर चढ़ गई।
वहां रामसिंह को फांसी पर लटका देखा तो शोर मचाया। परिजन और पड़ोसी आ गए और उसे आनन-फानन फंदे से उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
खबर मिलने पर चिल्ला थाने से पुलिस आई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घर वालों ने बताया कि मृतक की मां को दिल की गंभीर बीमारी है।
इलाज के लिए 50 हजार रुपये की जरूरत है। रामसिंह को इसकी भी चिंता थी। मृतक अपने पीछे दो पुत्र और चार पुत्रियां छोड़ गया है। सभी नाबालिग हैं। एक बच्चा मात्र डेढ़ माह का है।
तहसीलदार सुनील पटेल भी मृतक के घर पहुंच गए। उनके साथ कानूनगो अवधेश पटेल, लेखपाल राकेश कुमार भी थे। तहसीलदार में मृतक के घर के हालात देखकर स्वीकारा कि आर्थिक स्थिति काफी खराब है।
तहसीलदार ने कोटेदार को निर्देश दिया कि मृतक के आश्रितों को एक क्विंटल मुफ्त राशन दे। साथ ही भरोसा दिलाया कि शासन से हर संभव मदद दिलाई जाएगी। बेंदा गांव प्रधान पति विवेक सिंह ने भी मृतक आश्रितों से मिलकर सांत्वना दी।