किसान ने फांसी लगाकर जान दी
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बांदा। संदिग्ध परिस्थितियों में किसान ने सूने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन आत्महत्या की वजह सूखा राहत का चेक न मिलना बता रहे हैं। जबकि पुत्र का कहना है कि बीमारी से परेशान थे। पत्नी चार पुत्रों के साथ पंजाब ईंटों की पथाई के लिए गई है। बिसंडा थाना क्षेत्र के बिसंडी गांव निवासी भूपेंद्र रैदास उर्फ भूप (45) पुत्र दसुवा ने बुधवार की रात मकान के आगे वाले कमरे की धन्नी में नायलोन की रस्सी का फंदा कस कर फांसी पर झूल गया। गुरुवार को सुबह 8 वर्षीय पुत्री पिता को फांसी पर टंगा देख रोने लगी। आवाज सुनकर पड़ोसी आ गए। घटना की सूचना पड़ोसियों ने यूपी-100 और रिश्तेदारों को दी।
पुलिस कर्मियों ने उसे फंदे से उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पुत्र कुलदीप और भांजे संतोष (पुनाहुर) ने बताया कि उसके नाम दो बीघा जमीन है। सूखा पड़ने से फसल चौपट हो गई। सूखा राहत चेक के लिए लेखपाल से कहा लेकिन उसने चेक नहीं दी। इसी से क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी। उधर, थानाध्यक्ष महेश सिंह ने बताया कि वह काफी दिनों से बीमार था। पत्नी विद्या देवी चार पुत्रों के साथ पंजाब में ईंट पथाई का काम करने गई है। पुत्र ने तहरीर में आत्महत्या की वजह बीमारी से परेशान होना बताया है।