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अदालत ने चार को दी सजा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Wed, 30 Nov 2016 11:04 PM IST
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बांदा। दलित युवक को मारपीट कर पैसा वसूलने और धमकाने के जुर्म में तीन आरोपियों को चार वर्ष की कैद और जुर्माना किया गया है। उधर, किशोरी के साथ छेड़छाड़ के आरोपी को भी चार वर्ष की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदा गांव निवासी बृजविलास ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 अक्तूबर 2014 को रात करीब साढ़े 8 बजे वह मां की दवा लेकर आ रहा था। तभी गांव के योगेंद्र सिंह पुत्र भोला सिंह, जागेश्वर सिंह उर्फ कुरिया पुत्र कल्लू सिंह और रामलखन सिंह पुत्र बुग्गड़ सिंह मिल गए।
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योगेंद्र तमंचा, जागेश्वर लाठी और रामलखन डंडा लिए था। तमंचों की बटों व लाठी-डंडों से उसे मारते पीटते खेत की तरफ ले जाने लगे और 10 हजार रुपये की मांग की। इसी बीच उसका भाई हाकिम ने शोर मचाया तो उसे भी धमाया। एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई। सीओ ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी आशुतोष मिश्रा एवं प्रमोद कुमार द्विवेदी ने छह गवाह पेश किए। बुधवार को विशेष न्यायाधीश हरीनाथ पांडेय ने तीनों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में 4-4 वर्ष और 6-6 माह की कैद और दो हजार रुपये व 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कई धाराओं में बरी कर दिया।
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दूसरे मामला चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव का था। यहां की किशोर उम्र लड़की ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 नवंबर 2013 को वह अपनी बड़ी बहन व मामी के साथ शाम 6:30 बजे शौच के लिए जा रही थी। तभी लगभग 28 वर्षीय आजम पुत्र जब्बार ने उसे पकड़ लिया और छेड़छाड़ की। पुलिस छेड़छाड़ और लैंगिग अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी शिवपूजन पटेल व हबीब बक्श ने तीन गवाह पेश किए। बुधवार को अपर न्यायाधीश अरुण कुमार मल्ल ने आरोपी आजम खां को धारा 354क (2) में दो वर्ष कैद व 500 रुपये जुर्माना और लैंगिग अपराध अधिनियम में 4 वर्ष की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर क्रमशा: एक माह और दो माह जेल मेें और बिताने होंगे।
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गैरइरादतन हत्या में सात साल की कैद
बांदा। गैर इरादतन हत्या के जुर्म में अदालत ने युवक को सात वर्ष की सश्रम कैद से दंडित किया है। जुर्माने की भी सजा दी है। कमासिन थाना क्षेत्र के मुसीवां गांव की कमला देवी पत्नी सत्य प्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 अगस्त 2013 को दिन में करीब साढ़े 11 बजे उसके पति घर आ रहे थे तभी रास्ते में बेवजह गांव के बबलू तिवारी पुत्र चुनकउना ने उनके सिर पर चारपाई की पाटी से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने धारा 304क (2) की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। एडीजीसी कैलाश चौबे ने 7 गवाह पेश किए। बुधवार को विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) संजय सिंह ने आरोपी को 7 वर्ष की कैद और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक माह और जेल में रहना होगा। आरोपी घटना के बाद से ही जेल में है। उसकी जमानत अर्जी हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी है।