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सात मीट दुकानदारों पर दर्ज होगा मुकदमा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 03 Jun 2016 12:31 AM IST
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नोटिस
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में चल रही मीट की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापे मारे। ज्यादातर दुकानों में न रजिस्ट्रेशन मिला और न ही मानक के मुताबिक व्यवस्थाएं। अभिहीत अधिकारी ने सात दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की है। सौ से अधिक व्यवसायियों को नोटिस देकर सप्ताह भर में सुधार की चेतावनी दी है।
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चित्रकूटधाम मंडल में करीब पांच सौ मीट की दुकानें चल रही हैं। 126 दुकानें बांदा, 106 हमीपुर में, 96 दुकानें महोबा और 123 दुकानें चित्रकूट जिले में हैं। इनमें से एक का भी खाद्य सुरक्षा विभाग से रजिस्ट्रेशन नहीं है, जबकि बिना रजिस्ट्रेशन दुकान चलाने पर फूड सेफ्टी एक्ट 2006 के तहत दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। फिर भी कानून से बेफिक्र मांस विक्रेता नियमों को ताक पर रखकर दुकानें चला रहे हैं।
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डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पखवारे भर से मीट दुकानों के खिलाफ अभियान चलाया। छापेमारी में बांदा नगर में 56 दुकानों में एक भी जगह के मानक पूरे नहीं मिले और न ही रजिस्ट्रेशन मिला। छावनी रोड स्थित मीट की दुकान में अनियमितता मिली। जीजीआईसी के नजदीक दुकान में न तो शीशे मिले और न ही सफाई। हाथीखाना स्थित दुकानों में भी नियमों की अनदेखी मिली।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने अप्रैल के पहले सप्ताह में सात दुकानदारों को नोटिस जारी कर पखवारे भर का समय दिया था, लेकिन इनमें कोई सुधार नहीं हुआ। अब इन दुकानदारों के खिलाफ जल्द ही अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमे दायर किए जाएंगे। मंडल की अन्य सभी पांच सौ दुकानों को चेतावनी दी गई है। सप्ताह भर में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया और मानकों को पूरा नहीं किया तो इनके खिलाफ भी मुकदमा दायर होगा।
ये हैं मीट शाप के मानक
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सौरभ उत्तम के मुताबिक मीट बिक्री के लिए विभाग का पंजीयन बेहद जरूरी है। पंजीयन तभी होगा जब व्यवसायी मानक पूरा करता है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मीट की दुकान में बाहर ही अपारदर्शी शीशा लगा होना चाहिए। ताकि मांस और खून सड़कों पर नजर न आए। सेल्फ क्लोज दरवाजा हो। पांच फीट ऊंचे तक दीवारों में टाइल्स लगे हों। गंदगी बहाने के लिए दुकान में साफ-सुथरी नाली हो। कचरा प्रबंधन की व्यवस्था अनिवार्य है।
मीट की बिक्री फूड सिक्योरिटी एक्ट में आता है। बिना पंजीयन दुकान संचालित करने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभी दुकानदारों को नोटिस जारी की गई है। सप्ताह भर बाद व्यवस्था में सुधार न हुआ तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
-चंद्रशेखर मिश्रा, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन।