{"_id":"5ad8dfc84f1c1b46098b5745","slug":"seven-years-of-imprisonment-in-the-crime","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म में सात साल की जेल, 5 हजार जुर्माना ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुष्कर्म में सात साल की जेल, 5 हजार जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:58 PM IST
विज्ञापन
Rohtak Court
ढाई साल पहले युवती के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म किए जाने के मामले में सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को 7 साल की जेल व 5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। इसे न अदा करने पर 6 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। जमानत अर्जी स्वीकृत न होने के कारण आरोपी जेल में है।
विज्ञापन
बदौसा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 नवंबर 2015 की रात उसकी 32 वर्षीय पत्नी घर में अपने दो बच्चों के साथ सो रही थी। तभी रात में करीब 12 बजे इसी थाना क्षेत्र के पौहार गांव निवासी करन सिंह पुत्र बुद्धा सिंह छत के रास्ते घर में दाखिल हो गया। पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। उसके गुहार लगाने पर दोनों बच्चे जाग गए और शोर मचाया। आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला। घटना के दिन पीड़िता का पति अपने रिश्तेदारी में गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विज्ञापन
त्वरित न्यायालय के सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पंचम ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की सुनवाई करने के बाद गुरुवार को सुनाए फैसले में अभियुक्त करन सिंह को धारा 376 में 7 वर्ष की कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 452 में तीन वर्ष की कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पटेल व सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला खां ने पांच गवाह पेश किए।
विज्ञापन