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रिटायर्ड फौजी ने आग लगाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 04 Sep 2015 11:25 PM IST
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रिटायर्ड फौजी ने घर में आग लगाकर जान दे दी। परिजनों
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का कहना है कि पुलिस के बेवजह शांति भंग में चालान करने से तनाव में आकर
आत्महत्या की। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरी गांव निवासी सत्यराम (45) पुत्र भउवा भारतीय थल सेना से वर्ष 2007 में रिटायर होने के बाद गांव में रहता था। शुक्रवार की सुबह उसने घर मेें कमरे की अंदर से कुंडी बंद कर ली और अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली।
धुआं उठने पर पुत्र संजय ने रोशनदान से अंदर कूदकर कुंडी खोली। आग बुझाकर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां उपचार के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम हाउस में मृतक की पत्नी लीलावती और पुत्र संजय ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन पड़ोसी मनोज शराब पीकर उत्पात मचा रहा था। सत्यराम ने मना किया। इसी बीच आई पुलिस ने बिना कोई बात सुने मनोज के साथ सत्यराम और उसके पुत्र संजय का शांतिभंग में चालान कर दिया। तभी से सत्यराम तनाव में था।
उधर, थानाध्यक्ष पैलानी अमर सिंह ने कुछ और कहानी बताई। कहा कि रिटायर्ड फौजी शराब का आदी था। पड़ोसी से मारपीट होने पर उसका शांतिभंग में चालान किया गया था। एसडीएम कोर्ट से उसकी जमानत हो गई थी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार को पुत्र अजय ने सत्यराम से अपना मोबाइल फोन छीन लिया था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने आग लगा ली।
पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरी गांव निवासी सत्यराम (45) पुत्र भउवा भारतीय थल सेना से वर्ष 2007 में रिटायर होने के बाद गांव में रहता था। शुक्रवार की सुबह उसने घर मेें कमरे की अंदर से कुंडी बंद कर ली और अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली।
धुआं उठने पर पुत्र संजय ने रोशनदान से अंदर कूदकर कुंडी खोली। आग बुझाकर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां उपचार के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम हाउस में मृतक की पत्नी लीलावती और पुत्र संजय ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन पड़ोसी मनोज शराब पीकर उत्पात मचा रहा था। सत्यराम ने मना किया। इसी बीच आई पुलिस ने बिना कोई बात सुने मनोज के साथ सत्यराम और उसके पुत्र संजय का शांतिभंग में चालान कर दिया। तभी से सत्यराम तनाव में था।
उधर, थानाध्यक्ष पैलानी अमर सिंह ने कुछ और कहानी बताई। कहा कि रिटायर्ड फौजी शराब का आदी था। पड़ोसी से मारपीट होने पर उसका शांतिभंग में चालान किया गया था। एसडीएम कोर्ट से उसकी जमानत हो गई थी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार को पुत्र अजय ने सत्यराम से अपना मोबाइल फोन छीन लिया था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने आग लगा ली।