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घोटाले में रेलवे अभियंता को ले गई सीबीआई
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 29 May 2016 12:55 AM IST
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लवे परिसर में सहायक मंडलीय अभियंता का कार्यालय, जहां आधी रात के बाद सीबीआई ने छापा मारा।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। सीबीआई ने प्राइवेट वाहनों के किराए और डीजल में घोटाले के आरोपों से घिरे रेलवे के एक सहायक अभियंता को शुक्रवार रात उनके घर पर दबोच लिया। रात में वहीं पूछताछ की। तड़के कार्यालय खुलवाकर अभिलेख खंगाले। कुछ अभिलेख कब्जे में लेकर सहायक अभियंता को लेकर सीबीआई टीम लखनऊ रवाना हो गई।
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शुक्रवार को आधी रात सीबीआई टीम ने यहां रेलवे टेलीकॉम विभाग में कार्यरत सहायक मंडलीय सिग्नल एवं टेलीकॉम अभियंता जीके गौड़ के स्वराज कालोनी स्थित आवास में छापा मारकर उन्हें हिरासत में ले लिया। घर में ही लगभग एक घंटे उनसे पूछताछ की।
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सीबीआई ने रात में ही झांसी स्थित रेलवे के अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर अभिलेखों की जांच की अनुमति ले ली। मुख्य अभियंता (मंडल) की सहमति के बाद तड़के करीब ढाई बजे रेलवे स्टेशन परिसर में माल गोदाम के पास स्थित कार्यालय खुलवाकर अभिलेख खंगाले और कुछ कागजात अपने कब्जे में ले लिए।
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बाद में सीबीआई टीम सहायक अभियंता को लेकर अपने दो वाहनों से लखनऊ लौट गई। पता चला है कि मामला विभागीय कार्यों के लिए किराए पर लिए गए निजी वाहनों और उनके डीजल घोटाले का है। करीब दो साल पहले सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग में चार पहिया वाहन 900 रुपये प्रतिदिन किराए पर लिए गए थे।
वाहन स्वामी प्रमोद साहू (छावनी) ने पिछले माह वाहन किराया और डीजल के नाम पर किए गए घोटाले की रेल मंत्रालय सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की थी। 10 हजार रुपये गबन का भी आरोप लगाया था। तभी इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
बांदा। रेलवे के सहायक मंडलीय अभियंता को उठाने से पहले सीबीआई टीम ने तीन दिन तक बांदा में रहकर गुपचुप ढंग से जांच पड़ताल की। किसी को भनक तक नहीं लगी। टीम, सहायक अभियंता के घर और कार्यालय के इर्द-गिर्द मंडराती रही। मामले से संबंधित कुछ साक्ष्य भी जुटाए।
रेलवे टेलीकॉम विभाग के कई कर्मचारियों ने बताया कि दो-तीन दिन से दो-दो या तीन-तीन अंजान लोग कार्यालय आकर अपने वाहन ठेके पर देने की इच्छा जताते हुए बात करते थे। बातों-बातों में वाहन किराएदारी आदि की जानकारियां ले लेते थे। अब जब भंडाफोड़ हुआ और सहायक अभियंता धरे गए तो पता चला कि ये लोग कौन थे? अभियंता को उठाए जाने के बाद उनके कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। कोई भी कर्मचारी इस बारे मेें कुछ बोलने से कतराता रहा। सीबीआई टीम यहां बीएसएनएल गेस्ट हाउस में ठहरी थी।